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पितृ दिवस-श्रीमती सरोज डिमरी

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 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में पितृ दिवस पर प्रस्तुत है आज जनपद- चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती सरोज डिमरी जी द्वारा रचित कविता:- *🙏📝पितृ दिवस- परम पूज्य पिता जी* अपना तो स्वाभिमान पिता हैं,  अन्तर्मन का अभिमान पिता हैं।  सफल प्रतिष्ठा, मान-सम्मान सब, जीवन की मुस्कान पिता हैं।। मानवता के इस रंगमंच पर, जीवन की हर कठिन डगर पर। सफलता का प्रशस्ति पत्र, मेरी तो पहचान पिता हैं।। जब धरती पर आँखें खोली,  तुतलाती थी मेरी बोली।  कभी गोद में मुझे उठाया,  पकड़ हाथ चलना सिखलाया।। नीला अम्बर गहरा सागर, मात-पिता के प्यार बराबर।  चीज कोई ना दुनिया में देखी, जो भी हूंँ मेरी पहचान पिता हैं।। मेरे ख्वाबों को पूरा करने को, स्वयं तपे पर बाँहों में ले मुझे झुलाया। सत्य-असत्य के परम विवेक को, नव-जीवन का पाठ पढ़ाया।। मिथ्या-झूठ नहीं सिखलाया, सत्यमार्ग चलना सिखलाया। दिव्य गुणों के खान पिता हैं, जीवन का अहसान पिता हैं।। नीले नभ की विस्तृतता में,  बच्चों का विश्वास पिता हैं। अन्तरिक्ष और भूमण्डल पर, चमकता सूर्य-सा तेज पिता हैं।। देव-नक्षत्र...

पर्यावरण बचाओ - श्रीमती देवेश्वरी सेमवाल

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 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में पर्यावरण दिवस के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है आज जनपद- रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहन श्रीमती देवेश्वरी सेमवाल जी द्वारा रचित कविता:- *🙏🕉️🌳🦜🌏पर्यावरण बचाओ* आओ! मिलकर धरती बचायें,  आओ! तरह-तरह के वृक्ष लगायें।  वृक्ष लगाकर सब पुण्य कमायें,  इस धरा को हम स्वर्ग बनायें।।  वृक्षों से ही बना है यह जीवन,  फल, फूल और सब प्रकार का अन्न।  मिलती इनसे लकड़ी, चारा, दाना,  जड़ी-बूटियों का देखो ये हैं खजाना।।  वृक्षों की रक्षा कर पर्यावरण बचायेंगे,  अपने परिवेश का वातावरण शुद्ध बनायेंगे।  सम्पूर्ण जीव-जगत का है यह आसरा,  इससे मिलता है हर एक को सहारा।।  चलो मिलकर अभियान चलायें,  हम सब मिलकर वृक्ष लगायें।  जंगलों को हरा-भरा बनायें,  गाँव की गलियों को स्वर्ग बनायें।।  अगर हम सब मिल वृक्ष लगायेंगे,  तो वे हमें नये फल, फूल दिलायेंगे।  शुद्ध हवा और पानी देकर,  हमारा जीवन सफल बनायेंगे।।  आओ मिलकर एक संकल्प करें,   हम सब एक वृक्ष लगायें...