संदेश

अगस्त, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कच्चा धागा श्रीमती सन्नू नेगी जी

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  रक्षा बन्धन पावन पर्व पर प्रस्तुत है जनपद-चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती सन्नू नेगी जी द्वारा रचित कविता: *🙏🕉️✍️🌹कच्चा धागा* गर्भ नाल सा बिल्कुल नाजुक, जीवन इसमें होता है। है बड़ा अनमोल यह तो, कच्चा धागा होता है।।           रेशम, सूती कई डोरियों से, मिलकर ये बनता है। भाई-बहिन का प्रेम-द्योतक, राखी बन्धन होता है।।  है बड़ा अनमोल यह तो, कच्चा धागा होता है।।  लिपट कलाई पर जब भाई की, रक्षा सूत्र बन जाता है।  भाई को बहिना की यह, सदैव याद दिलाता है।।  परिपूर्ण रहें भाई का घर, मनोकामना  लाता है।।  है बड़ा अनमोल यह तो, कच्चा धागा होता है।।  तिलक लगा कर लटाट चमके,  दीप थाल में लाती है। दीपाराधन करे  नेह से, मन्द-मन्द मुस्काती है।।     कितना पुनीत! कितना पावन!! यह रक्षासूत्र  होता है। है बड़ा अनमोल यह तो, कच्चा धागा होता है।।        🙏 रचना-: सन्नू नेगी(स०अ०)  रा० क० उ० प्रा० वि० सिदोली,  वि० ख० कर्णप...

सातों-आठों का पर्व- गोविन्द बल्लभ भट्ट जी

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  कुमाऊँ के प्रसिद्ध लोक पर्व सातों-आठों के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद- पिथौरागढ़ से शिक्षक साथी श्री गोविन्द बल्लभ भट्ट जी द्वारा रचित कविता: 🙏🕉️✍️सातों-आठों का पर्व  भाद्रपद की पञ्चमी को, विरूणे हम भिगाते हैं।  सप्तमी को मिलजुल कर, आठों का त्योहार मनाते है।।  गौर माँ आयी गाँव में,                बैठी है घर आँगन की छांँव में।।  पाँच अनाजों की पांँच विरुड़ी बना,  चढ़ती गौरा के पावन चरणों में।  सप्तमी पर्व बड़ा ही पावन, प्रकृति में झलकता सावन।।  पर्व अष्टमी की राह देखते, गौरा को ले जाने महेश्वर आते। आठू खाला में सब इकत्रित होते, गौरा,महेश्वर की शादी रचाते।।  बाल वृद्ध नर नारी मिलकर, मंगलगीत सभी हैं गाते।  कहीं झोड़ा कहीं चाँचरी गाते, बड़े हर्ष से आठों मनाते।।  हर्षोल्लास के ये हैं पर्व, अपनी संस्कृति पर हमें है गर्व।  भोग अनेकों इसमें बनते, माँ तेरे चरणों में चढ़ते।।  अपनी विरासत को आज बचाएँ , आओ भैय्या आठों मनाएँ।। 🙏रच...

आज चाँद पर भारत-श्री ख्याली दत्त जी

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  लैण्डर विक्रम के आज सायं चाँद की सतह पर उतरने की खुशी  में प्रस्तुत है जनपद- अल्मोड़ा से शिक्षक साथी श्री ख्याली दत्त जी द्वारा रचित कविता: 🙏✍️🇮🇳☄️🌗आज चांँद पर भारत विजय पताका आज चांँद पर,  भारत अब फहराएगा।  तेरी मेहनत और लगन पर,  चांँद भी खुश हो जाएगा।।  आज हिन्द के हर कोने में,  जगमग दीप जलायेंगे। आज विजय का शुभ अवसर है,  चलो फूल बरसायेंगे।।  आज चांँद और कल मंगल पर,  हम तो बढ़ते जायेंगे।  धीरे-धीरे हर ग्रह पर,  अपना परचम लहरायेंगे।।  आज नया एक ताज सजेगा,  अपने हिन्दुस्तान पर।  सारी दुनिया गर्व करेगी,  अपने हिन्दुस्तान पर।।  🙏रचना-: ख्याली दत्त (स०अ०)  रा० प्रा० वि० सकनणा,  ब्लाॅक- सल्ट, अल्मोड़ा 🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

आजादी का अमृत पर्व-श्रीमती सरोज डिमरी

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  आजादी का अमृत महोत्सव 2023 के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है आज जनपद- चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती सरोज डिमरी जी द्वारा रचित कविता:- 🙏📝🇮🇳आजादी का अमृत पर्व  आजादी का अमृत महोत्सव, मना रहा है हिन्दुस्तान। उन वीरों को श्रद्धाञ्जलि दें, जो कर गए देशहित बलिदान।।   स्वाधीनता दिवस मनाते ,  हे सूर्यदेव! आशीष हमें दो।  तन-मन-धन से श्रेष्ठ बनें हम,  हे गुरुदेव! आशीष दे दो।।  निर्बल का बल बनकर के हम, भारत भू का क्लेश हरें। जो दीन हीन असहाय मिले, उनके शुभ चिन्तक हृदयहार बनें।।  परतन्त्र हमें सहन नहीं, स्वकर्म नया कर पाएंँ हम। ना परईर्ष्या में जलन भरें,  नित नूतन चिंतन कार्य करें।।  शिक्षा से परिष्कृत पूर्ण बनें हम, प्रभु की परमशक्ति पाएँ।  जीवन नौका उस पार लगे, नित्य शुद्ध क्रिया गति पाएँ।।  तिरंगे ध्वज के रंग जैसे, सब मिलजुल कर रह पाए हम। स्वयं दुखें ना दुःख दें किसी को, समदर्शी तत्वज्ञानी बनें हम।।  हे अमर पुत्र! आलस छोड़ो! मानवता से नाता तुम जोड़ो। यह प...

आजादी का पर्व- श्रीमती दमयन्ती राणा

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  स्वतन्त्रता दिवस पावन पर्व पर प्रस्तुत है आज जनपद- चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती दमयन्ती राणा जी द्वारा रचित कविता:-  आजादी का पर्व आजादी का यह उत्सव,  जन-गण-मन का पर्व महान।  याद आ रहे वे वीर सभी,  हुए देश के लिए जो बलिदान।।  कितनों ने कारागृह में ही,  जीवन का अवसान किया।  कितनों वीरों ने हंँस-हंँसकर,  फांँसी को गले लगा दिया।।  कितने कष्ट सहे भारत माता ने,  युग समान वह सदी गई।  बड़ी निकट थी कालरात्रि वह,  पराधीनता लदी हुई।।  वतन के खातिर जिन्होंने,  खून अपना दिया बहाकर | मिलती रहेगी हमें प्रेरणा,  उन्हें अपने दिलों में बसाकर।।  अमर पुत्रों के रहते फिर,  भारत माता त्रस्त न हो।  यह स्वतन्त्रता फले और फूले,  कभी सूर्य यहाँ का अस्त न हो।।  हैं हम आज आजाद,  मनायेंगे आजादी की खुशहाली।  फर्ज है हमारा आखिरी दम तक,  करेंगे देश की रखवाली।।  🙏 रचना  दमयन्ती राणा (स०अ०)  रा० उ० प्रा० वि० ईड़ाबध...

सपनों का संसार - श्रीमती अनिता नौडियाल

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  प्रस्तुत है आज जनपद- टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहन श्रीमती अनिता नौडियाल द्वारा रचित कविता:- 🙏✍️🌳🦜🦚सपनों का संसार मेरे नयनों में बसता है, एक सपनों का संसार। मैं नन्हा खग बन उड़ूँ, आसमान में पंख पसार।।  सुख -दुःख पूछूँ सबका, घूमकर रोज स्वदेश। अनन्त उड़ती जाऊंँ, हर दिन देश-विदेश।।  कोयल बन जाऊंँ, पाऊँ सबका प्यार दुलार। मेरे नयनों में बसता है, एक सपनों का संसार।।  या फिर जल बनकर, बादल में जा समाऊँ, स्वाति बनकर वापस, इस धरा पर आऊंँ।।  कोशिश है कि धरा को, हरित मैं कर जाऊंँ। या फिर प्यासे प्राणी की, इच्छा तृप्त कर पाऊंँ।।  जीवन सफल करूंँ, भारत मांँ के पैर पखार। मेरे नयनों में बसता है, एक सपनों का संसार।।  🙏 रचना-: अनिता नौडियाल(स०अ०)   रा० प्रा० वि० मैखण्डी मल्ली ब्लाॅक- कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल 🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

स्वच्छता अभियान- श्रीमती अनिता काला जी

चित्र
 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  प्रस्तुत है आज जनपद- रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहन श्रीमती अनिता काला द्वारा रचित कविता:-           🇮🇳 ✍️स्वच्छता अभियान रहे स्वस्थ भारत मन में अरमान होगा,  सफल स्वच्छता का ये अभियान होगा। सभी अब कसम लें न पीछे हटेंगे,  परिवेश सुन्दर-स्वच्छ हम रखेंगे।।  सब हों सक्रिय तब ही देश का मान होगा,  सफल स्वच्छता का ये अभियान होगा। जहाँ भी रहो तुम वहीं स्वच्छ रखना,  बढ़ा हाथ अपना ये कर्म पुण्य करना।।  सदा राष्ट्रहित जब हर एक गान होगा सफल स्वच्छता का ये अभियान होगा। मेरे देश वालों सभी मिल के आओ,  स्वच्छता के सुपथ पर सभी चल दिखाओ।।  सकल विश्व में फिर तो सम्मान होगा,  सफल स्वच्छता का ये अभियान होगा। नहीं काम छोटा इसे तुम समझना,  मनोयोग से ही इसे मिलके करना।।  सदा देश को तुम पर अभिमान होगा सफल  स्वच्छता का ये अभियान होगा।। 🙏 रचना-: अनिता काला (प्र०अ०) रा० प्रा० वि० जुंटाई वि० ख०-अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग 🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड