श्री हनुमान जी एक निष्ठावान चरित्र-श्रीमती विजयलक्ष्मी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज श्री हनुमानजी की पावन जयन्ती के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती विजयलक्ष्मी जी का लेख:- श्री हनुमान जी एक निष्ठावान चरित्र ======================== हमारा देश भारतवर्ष दिव्य शक्तियों की मान्यता का देश है। भारतीय सनातन धर्म में हनुमानजी का विशेष स्थान है। हनुमान जी भगवान श्री राम के परम भक्त कहलाए जाते हैं। चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन अञ्जनी माता और महाराज केसरी ने बहुत तपस्या के पश्चात एक महान शक्तिशाली, महान तेजस्वी रुद्र अवतार के रूप में एक पुत्र रत्न को पाया। ऐसा असाधारण दिव्य बालक जो जन्म के कुछ समय बाद ही अपनी भूख मिटाने के लिए बहुत बड़े आग के पुञ्ज सूर्यदेव को फल समझकर निगल गया। सारी सृष्टि में घोर अंँधेरा छा गया। तभी देवराज इन्द्र ने अपने वज्र का प्रहार इस असाधारण बालक की ठुड्डी (हनु )पर की। वज्र के प्रहार से बालक की ठुड्डी टेड़ी हो गयी। इसी से इनका नाम हनुमान पड़ गया। हनुमान जी के और भी नाम हैं जैसे- मार...