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कारगिल विजय दिवस

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📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला,  हिम मन मन्थन में "कारगिल विजय दिवस" के परिप्रेक्ष्य में अमर शहीदों को शत्-शत् नमन व श्रद्धा सुमन अर्पित। 🙏 ✍️कारगिल विजय दिवस  3 मई सन् 1999 का, दिन वो बड़ा ही काला था। पाकिस्तानी घुसपैठियों ने, हमला भारत पर कर डाला था।। ऊँची पहाड़ियों पर कारगिल की,  डेरा पाक सैनिकों ने डाला था। लेकर साथ 5,000 सैनिकों को,  कब्जा कश्मीर पर करने आया था।। हुई खबर चरवाहों के द्वारा, कुछ घुसपैठिये घूम रहे हैं। भारत के भाल पर कब्जा करने, 5,000 पाकिस्तानी आये हैं।। भारतीय सेना तब हुई चौंकन्नी, भारत सरकार को मिली खबर। पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए, भारत ने चलाया ऑपरेशन विजय।। 84 दिनों तक निरन्तर युद्ध हुआ, 18 हजार फिट की ऊँचाई पर। भारतीय सैनिक लड़ते रहे, परिचय अदम्य साहस का देकर।। लड़ते-लड़ते 527 रणबांकुरे, चिर निन्द्रा में निमग्न हुए। 1400 भारतीय जाबाँज, इस युद्ध में घायल हुए।। गोलियों पर गोलियाँ चली, 2,700 पाकिस्तानी मारे गए। 26 जुलाई 1999 को, 7,50 पाकिस्तानी भाग गये।। 26 जुलाई का वह ऐतिहासिक दिन, इतिहास के पन्नों में अमिट हो गया। कारगिल विजय दिवस...

डा० अब्दुल कलाम-श्रीमती सरोज डिमरी

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 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला,  हिम मन मन्थन में  मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध पूर्व वैज्ञानिक एवं राष्ट्रपति स्व० डा० अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम जी की पुण्य तिथि पर प्रस्तुत है, आज जनपद- चमोली गढ़वाल से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए शिक्षिका बहिन श्रीमती सरोज डिमरी जी द्वारा रचित कविता-: 🙏 ✍️डॉ० अब्दुल कलाम   विज्ञान धर्म और प्रकृति का, राष्ट्र भक्ति का सद्भाव सम्मान। ऐसे दिव्य पुरुष कलाम को, करते हैं हम शत्-शत् प्रणाम।। बहुआयामी असाधारण प्रतिभा, वीणा वादन आध्यात्म विश्वास। मन्दिर, मस्जिद समानता से,  करते थे ऊर्जा एहसास।। अग्नि, पृथ्वी, पिनाक और नाग,  त्रिशूल जैसे प्रक्षेपास्त्र।  मिसाइलों का निर्माण कराया, अमिट छोड़ गए हैं यह छाप।। पद्म भूषण, पद्म विभूषण, भारत रत्न जैसे सम्मान। युग ऋषि सम समृद्ध चेतना, और याद रहेगा उनका बलिदान।। 27 जुलाई को त्यागी देह, किया चुपचाप गोलोक गमन। ऐसे धर्मात्मा मिसाइल मैन को,  पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित।। 🙏रचना:- सरोज डिमरी (स०अ०)  रा० उ० प्रा० वि० घतोड़ा  वि० ख०- कर्णप...

अमर शहीद श्रीदेव सुमन- श्रीमती पुष्पा बहुगुणा

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 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला,  हिम मन मन्थन में अमर शहीद श्रीदेव सुमन जी की पुण्यतिथि पर प्रस्तुत है, आज जनपद- टिहरी गढ़वाल से उन्हें श्रद्धाञ्जलि अर्पित करते हुए शिक्षिका बहिन श्रीमती पुष्पा बहुगुणा जी द्वारा रचित कविता-: 🙏 🕉️ 🙏 ✍️अमर शहीद "श्रीदेव सुमन" जन-जन का स्वप्न सँजोए,  एक सिपाही सत्य का। लड़ा अकेला पर्वत जैसा,  नाम था "सुमन" तप का।। न मन डोला, न तन झुका,  भूख से भी न हार मानी। लोकतन्त्र की रक्षा खातिर,  हँसते-हँसते दे दी जवानी।। तिनका-तिनका जला बदन, पर जोश कभी न मन्द हुआ। जेल की दीवारों में भी, दीपक-सा प्रखर चिरन्तन हुआ।। राजशाही के रथ को रोका,  साहस से जो पथ दिखाया। मरकर भी वो जगा गया है,  जोश नया हर दिल में लाया।। श्रीदेव सुमन आज भी,  हर उत्तराखण्डी की शान हैं। बलिदान की वह गाथा,  भारत माता की पहचान हैं।। 🙏रचना-:  पुष्पा बहुगुणा (प्र०अ०)  रा० उ० प्रा० वि० पिपोला (उठड़) विकास खण्ड- जाखणीधार  जिला- टिहरी गढ़वाल *🙏संकलन- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड*

प्रकृति पर्व- हरेला- श्री गोविन्द बल्लभ भट्ट

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गुरु पूर्णिमा- श्री गोविन्द बल्लभ भट्ट

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 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला,  हिम मन मन्थन में  गुरु पूर्णिमा पावन पर्व पर प्रस्तुत है आज जनपद- पिथौरागढ़ से शिक्षक साथी श्री गोविन्द बल्लभ भट्ट जी द्वारा रचित कविता-: 🙏🏾✍️गुरु पूर्णिमा मात-पिता के बाद, जो पूजे जाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। कच्ची माटी को गढ़कर,  जो मूरत बना देते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। जो कर्ता न कर सके, वो करके दिखलाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। बनकर पारस जो,  लौह को स्वर्ण बनाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। अपूर्ण जीवन शिष्य का, जो पूर्ण बना देते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। बन परछाई पग-पग पर,  शिष्य का साथ निभाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। नवज्योति जीवन में जला, जो तम को हर लेते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। धैर्यता का पाठ पढ़ा, जो संकट से सदा बचाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। सप्त द्वीप नव खण्ड में,  जो सदा ही पूजे जाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं। आदर से जिनके आगे, सभी के सिर झुक जाते हैं, वो गुरुवर कहलाते हैं।। 🙏रचना-: गोविन्द बल्लभ भट्ट (मुसाफिर ) रा० आ० प्रा० वि० अजेड़ा  डीडीहाट,  पिथौरागढ़, *🙏संकलन- ...