हरियाली तीज- श्रीमती पुष्पा तिवारी जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में हरियाली तीज पावन पर्व पर प्रस्तुत है आज जनपद-चम्पावत से शिक्षिका बहिन श्रीमती पुष्पा तिवारी जी की कविता-: 🙏🕉️🌳📝हरियाली तीज शिव-शक्ति हमारा मन, हरियाली तीज। वाकई सात मंजिला, बात सही चक्रों का यह। जो करे विश्वास उसी ने, सजाया अपना शरीर का दरबार।। शक्ति का स्थान मूलाधार तो है, कुण्डली मारकर साँप लिपटा। जो कर्म ऊर्जा से हटाये, वह स्वयं जगत में महान बना।। छः पंखुड़ियों का यह शरीर, स्वाधिष्ठान चक्र को बनाए महान। अपने को आत्मविश्वास से भर दो, तब चक्र करता अपना काम।। पीला वर्ण हमारे शरीर का , जगा दो इसे कर्म और धर्म से। लक्ष्मी है इसकी अधिष्ठाता, इसे कर दो कर्म से महान।। हृदय चक्र का क्या कहना! प्रेम से भर दो घर और संसार। मन के भंवरे को मत दुलाओ, कर दो अपने मन का स्वच्छ विचार।। चक्र विशुद्ध कण्ठ हमारा, करें लोकहित परहित से डर। आठों सिद्धि हमारे ही अन्दर , रे मनुष्य! इसको जान।। मैं कौन हूंँ, उत्तर मिला, तू शिव में है, शिव तुझ में है। कुण्डली सुषुम्ना त्रिवेणी यह सब, तू ही तो ही शिव शक्ति है।। सांँस के बिना...