अलविदा वर्ष 2021 - श्रीमती सरोज डिमरी जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आँग्ल नववर्ष के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है, आज जनपद-चमोली गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती सरोज डिमरी जी द्वारा रचित कविता- अलविदा वर्ष 2021 वर्ष 2021 विदा ले रहा है हमसे, कुछ खट्टे, कुछ मीठे अनुभव मिले तुमसे। जनवरी का महीना कुछ ऐसा गुजरा, कोविड-19 का दहशत था पसरा।। फरवरी के त्यौहार भी कुछ फीके रहे लेकिन मार्च की होली से कुछ रंग ऐसे खिले। अप्रैल की बैशाखी में मायूस ही रहे, मई में कोविड के काफी मामले बढ़ चले ।। जून-जुलाई शादी-ब्याह का मौसम, पचास से कम की भीड़, सिर्फ परिवारी जन। एस० ओ० पी० का करना था पालन, मास्क, दूरी, सैनिटाइजेशन।। अगस्त तक सारे काम सम्पन्न यूँ ही हुए, सावन-भादों बरसात में गुजरे। सितम्बर, अक्टूबर दशहरा, दीवाली, सारे त्योहार रहे खाली-खाली।। अक्टूबर-नवम्बर से कुछ आस जगी, दिसम्बर में फिर ठण्ड काफी बढ़ी। साल 2021 का स्वागत और विदाई, हम बच्चों ने उत्सव की खुशी आज मनाई।। सरोज डिमरी (स०अ०) रा० आ० उ० प्रा० वि० गौचर वि०ख० - कर्णप्रयाग, चमोली 🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड