होली की धूम - कु० शिखा
प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में होली के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है आज जनपद रुद्रप्रयाग से छात्रा कु० शिखा की रचना
होली की धूम
रंग उड़ाती धूम मचाती,
दोस्तों की आयी है टोली।
नाचेंगे हम गाएंगे हम,
रंगों का त्यैहार है होली।।
रंग-बिरंगे रंग लिये हैं,
गूंज रही होली की बोली।
सृष्टि, सिया, अंजलि, दीपिका,
भार गुलाल की लायी झोली।।
मैं घर से बाहर आयी,
रंग भरी पिचकारी लायी।
नीले पीले मुँह देखकर,
सब कहते हैं होली-होली।।
आपस में सब बैर भुलाकर,
गले लगाओ कहती होली।
एक है एक ही रहेंगे,
दोस्तों की गाती है टोली।।
कु० शिखा (छात्रा) कक्षा-8
रा० उ० प्रा० वि० सारी, ब्लॉक-ऊखीमठ, जनपद-रुद्रप्रयाग

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