12अप्रैल(इंटरनेशनल डे आॅफ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट) - किरण जोशी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है आज इंटरनेशनल डे आॅफ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट के सुअवसर पर जनपद टिहरी से शिक्षिका बहिन श्रीमती किरण जोशी जी की कविता:
12अप्रैल(इंटरनेशनल डे आॅफ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट)
9मार्च 1934 का दिन शुभकारी था,
माता-पिता और वह धरती भी खुश हुई।
यूरी गागरिन जन्मे थे बहुत प्रतिभा शाली,
किन्तु बचपन से ही कष्ट मिले थे उनको भारी।।
उन दिनों ही द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ा था,
वो नन्हा यूरी 6 वर्ष का डरा हुआ था।
माँ की गोद से देखता, नष्ट होते संसार को,
घर भी छीना, झोपड़ी में सोना मजबूर हुआ था।।
किन्तु कष्ट उनके हौसले को कम न कर पाअ,
पढ़ता भी गया 16 वर्ष में फाउड्री मैन के रूप बढ़ता।
गणित प्रिय था पर अन्य विषयों की बहुत की पढ़ाई,
रोचकता से पढ़ ली पृथ्वी के बाहर की जानकारी।।
बड़े हुए 1955 में कास्टिंग टैक्नोलॉजी में निपुण हुए,
12अप्रैल को वोस्ताक से धरा का चक्कर पूरा किया।
आउट स्पेस पहुँच प्रथम अन्तरिक्ष यात्री का नाम हुआ,
12अप्रैल दुनिया में ह्यूमन स्पेस फ्लाइटडे मनवाया।।
रचना :- किरण जोशी(प्र०अ०)
-रा० प्रा० वि० मैखण्डी मल्ली
वि० ख०-कीर्ति नगर, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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