विश्व हीमोफीलिया दिवस-श्रीमती हेमलता बहुगुणा

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज विश्व हीमोफिलिया दिवस के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद टिहरी गढ़वाल शिक्षिका बहिन श्रीमती हेमलता बहुगुणा की  जी की कविता 



विश्व हीमोफीलिया दिवस 


हीमोफीलिया आनुवांशिक बीमारी, 

जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है। 

अगर चोट दुर्घटना हो जाती, 

तो मृत्यु की सम्भावना रहती हैं।। 


नहीं रुकता खून शरीर से, 

खून बहता ही जाता है। 

खून के न रूकने से ही, 

यह जान लेवा हो जाता है।। 


रक्त प्रोटीन की कमी के कारण,

यह बीमारी हो जाती है। 

यह बीमारी कुछ और नहीं, 

क्लाॅटिंग फैक्टर कहलाती है।। 


होती है यह बीमारी शरीर में,

 थ्रोम्बोप्लास्टिन की कमी से। 

नहीं जम पाता खून में थक्का,

 थ्रोम्बोप्लास्टिन की कमी से।। 


लक्षण तुम इसके पहचान लो, 

जोड़ों में सूजन नाक से खून। 

शरीर में पड़ते नीले धब्बे, 

 आँखों में दिखता है खून।। 


करना है जब इसका इलाज, 

देना बार-बार रूधिर आधार,

 रिकॉम्बीनेंट क्लाटिंग फैक्टर, 

चिकित्सक की परामर्श लेना।। 


🙏 रचना:-

हेमलता बहुगुणा (प्र०अ०) 

रा० उ० प्रा० वि० सुरसिंहधार

ब्लॉक-चम्बा, टिहरी गढ़वाल



🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

  1. Excellent madam!!
    Medical Science ki yh yuki srahniy hai.
    #Aap jaisi shikshika kai sanidhy sai hmarai nonihal acchai chikitsk bn kr khilaingai koi Shk nhi hai!!
    Dr. Geeta Rawat

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