राम जी की महिमा-श्रीमती अनीता जोशी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज श्रीराम नवमी पावन पर्व के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती अनीता जोशी जी की कविता:-
राम जी की महिमा
आज राम मय सारा भारत,
राम नाम की गूँज है।
राम नाम की महिमा गाते,
राम नाम से प्रीत है।।
आज ब्रह्म भी बैठ कमल पर,
अवधपुरी को गमन किया।
राम लला की देखी मूरत,
श्री चरणों का ध्यान किया।।
कैलाश पति ने खुश हो कर के,
डमरु से ये नाद किया।
देख प्रभु की प्यारी मूरत,
मन ही मन प्रणाम किया।।
ऋषि लोक से ऋषि मुनियों ने,
मृत्युलोक को गमन किया।
देख अवध का वैभव प्यारा,
राम लला का ध्यान किया।।
आज भानू की प्रथम किरण ने,
ज्योति राम की फैलाई।
मलयाचल की मलय पवन भी,
सुगन्ध राम की ले आई।।
आज चाँद भी कुछ चंचल था,
रात चाँदनी थी बहकी।
नवदीपों की सजी थी लड़ियांँ,
अवधपुरी थी महकी महकी।।
मधुमास की मधुर पवन ने,
रामनाम की तान सुनाई।
लगे नाचने मोर पपीहे,
भौरों ने गुँजार सुनाई।।
आज खुशी से सब झूमे है,
राम लला का जन्म हुआ।
राम नौमी का पावन दिन है,
राम नाम का आगाज हुआ।।
रचना:
अनीता जोशी (स०अ०)
रा० प्रा० वि० तिमली
ब्लॉक -नरेंद्र नगर, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

बहुत सुन्दर रचना!!
जवाब देंहटाएंआपको राम- राम के साथ शुभकामनाएँ!!
डॉ गीता रावत