हिमालय पुत्र हेमवती नन्दन बहुगुणा-श्रीमती माधुरी नैथानी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज हिमालय पुत्र हेमवती नन्दन बहुगुणा की पावन जयन्ती  के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत है जनपद पौड़ी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती माधुरी नैथानी जी का लेख:-


हिमालय पुत्र हेमवती नन्दन बहुगुणा




 हिमालय जैसा दृढ़ संकल्प एवं विराट व्यक्तित्व के धनी हेमवती नन्दन बहुगुणा जी का जन्म पौड़ी गढ़वाल के बुघाणी गाँव में 25 अप्रैल 1920 को रेवती नन्दन बहुगुणा जी के घर में हुआ था।

 मध्य हिमालय की तलहटियों में जन्मे इस महानुभाव के अन्दर राजनैतिक विलक्षणता, संघर्ष शीलता, समाज- उत्थान की परिकल्पना व गजब का आत्म-बल था। अपनी प्रारम्भिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय देवलगढ़ तथा मिडिल क्लास शिक्षा खिर्सू से पूरी करने के बाद बहुगुणा जी ने आगे की शिक्षा डी०ए०वी०कालेज देहरादून से पूरी कर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास की। तथा यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। आन्दोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बहुगुणा जी को पकड़ने के लिए अंग्रेज सरकार ने 5000 रु० तक का इनाम रखा। राजनीति में माहिर होने पर सभी दिग्गज इनसे भयभीत रहते थे।जवाहरलाल नेहरू, इन्दिरा गाँधी उनकी राजनीतिक कुशलता के कायल थे।

उनके गुणों ने उन्हें पण्डित गोविन्द बल्लभ पन्त,डा सम्पूर्णानन्द जैसे ख्याति प्राप्त राजनेताओं की पंक्ति में ला खड़ा किया।


भले ही कर्मस्थली बहुगुणा जी ने इलाहाबाद को चुना। लेकिन वे जमीन से जुड़े व्यक्ति थे।आज भी देवलगढ़,भटोली,बुघाणी में उनके बाल सखाओं द्वारा उनके उदाहरण दिए जाते हैं। 8 नवम्बर 1973 से 29 नवम्बर 1975 तक वह उत्तर प्रदेश के सफलतम मुख्यमंत्री रहे। स्व० बहुगुणा जी पर्वतीय अञ्चल की आवाज थे। उन्होंने पहाड़ को  नई आवाज दी।शिक्षक कर्मचारियों सहित सभी को उनका सहयोग प्राप्त था। पर्वतीय विकास  परिषद स्थापित करने, गढ़वाल और कुमाऊंँ विश्वविद्यालयों की स्थापना में उनकेे अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। हिमालय के चन्दन हेमवती नन्दन हमें आप पर गर्व है। अज्ञात कवि की कुछ पंक्तियाँ उन्हें समर्पित...


खेतों में जिनके देवालय,

माटी से है जिनको प्यार।

पिघला उनके लिए हिमालय,

बहता बन गंगा की धार।।


जिनका जीवन कर्मठता का 

लिखता रहा अमर इतिहास।

अँधियारा पीकर जो देते,

जीवन को उजियाली आस।।

🙏 रचना:-

माधुरी नैथानी(स०अ०) रा०उ०प्रा०वि० भटोली, ब्लॉक- खिर्सू  पौड़ी गढ़वाल,







🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

होली - श्रीमती सुशीला थपलियाल

माँ तुम - श्रीमती वन्दना जोशी

गौचर मेला-श्री सरोज डिमरी