सड़क सुरक्षा-श्रीमती वन्दना जोशी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत प्रस्तुत है जनपद चम्पावत से शिक्षिका बहिन श्रीमती वन्दना जोशी जी की कविता:


सड़क सुरक्षा


आज सड़क और परिवहन हमारा अभिन्न अंग है,

अधिकांश लोग दोपहिया या चौपहिया के संग हैं।

एक ओर परिवहन ने दूरियों को कम कर दिया है,

वहीं दूसरी ओर जीवन जोखिम को बढ़ा दिया है।।




लाखों लोगों की जिन्दगी दुर्घटना में जा रही है, 

हजारों-हजारों को आजीवन अपाहिज बना रही है।

कहीं लापरवाही, कहीं जागरूकता की कमी है,

वाहन चला तो लेते हैं कहीं नियमों की अनदेखी है।।



वाहन चलाने से पहले ड्राइविंग नियमों को जान लें, 

अपनों के लिए अपने जीवन के मोल को मान लें। 

ड्राइविंग लाइसेंस हो हाथ में तब वाहन को चलाएँ,

ओवरलोडिंग, ओवरटेकिंग, ओवरस्पीड से बचाएँ।।



हेलमेट और सीट बेल्ट को बाँधें, दुर्घटना को टालें,

नशे से दूर रह 'सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा' को पा लें।

ईश्वर का अनमोल उपहार ये  जीवन अपना है,

जागरूकता, सावधानी से इसे महफूज रखना है।।



🙏रचना:-

वन्दना जोशी (स०अ०)

रा०आ०क०उ०प्रा०वि० पऊ

ब्लाॅक-लोहाघाट, जिला- चम्पावत 




*🙏संकलन :-टीम हिम मन मन्थन  उत्तराखण्ड*

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