खुद की सुरक्षा करना -श्रीमती हेमलता बहुगुणा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती बहिन श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी की कविता:
खुद की सुरक्षा करना
सुनो-सुनो, ऐ! देशवासियों,
बात हमारी तुम सुनना।
बाहर बढ़ी है लहर कहर की,
अपने घर में ही रहना।।
कोरोना का ताण्डव है ये,
इससे बचकर ही रहना
अपना मिले, मिले पराया,
दूरी बनाकर ही रखना।।
सेनीटाईजर, मास्क लगाकर,
घर बाहर भी तुम जाना।
पड़े जरूरी काम तुम्हारा,
तब ही बाहर तुम जाना।।
करोगे तुम खुद की सुरक्षा,
चार सुरक्षित हो जायेंगे।
चार के सुरक्षित होने से,
घर-गाँव सुरक्षित हो जायेंगे।।
इसी सोच को लेकर ही,
आगे कदम बढ़ाना है।
घर की रक्षा, देश की रक्षा,
सोच का दायरा बढ़ाना है।।
🙏रचना:-
हेमलता बहुगुणा ( प्र०अ०)
रा०उ० प्रा० वि० सुरसिंहधार
ब्लॉक-चम्बा, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

धन्यवाद सबका घर में रहो सुरक्षित रहो
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