विद्यालय-श्रीमती बीना पाण्डे

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला  हिम मन मन्थन में आज प्रस्तुत है  जनपद नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती  बीना पाण्डे जी की कविता:-


विद्यालय


कितना प्यारा स्कूल हमारा! 

सुन्दर सज गया स्कूल हमारा।

खिले चटकते रंग हैं इसके,

देखो मन को भाते सबके।। 



दीवारों पे सुन्दर चित्र सजे हैं,

प्यारे-प्यारे खूब जँचे हैं। 

झूले भी हैं नये-नये से,

पर वो भी हैं सूने-सूने से ।। 


रसोई घर में भी नये रंग हैं बरसे,

पर कुकर की सीटी को तरसे। 

कक्षा-कक्ष का क्या है कहना?

जैसे सुन्दर सरिता का बहना।। 


स्मार्ट टीवी भी अब लग गया है,

पर बच्चों के बिन ठगा सा गया है।

विद्यालय का आँगन देखा,

धूल भरी इसकी सब रेखा।। 


अब तो बच्चो जल्दी आओ,

कोई प्यारा-सा गाना गाओ।

स्कूल की है अब यही पुकार,

जल्दी आना मत करना इन्कार।। 


बीना पाण्डे (स० अ०)

रा० प्रा० वि० भूमियाधार

भीमताल, नैनीताल



🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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