श्रीदेव सुमन जी-श्रीमती नर्वदा कौशल
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में श्रीदेव सुमन जी की पावन जयन्ती पर प्रस्तुत है जनपद टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती नर्वदा कौशल जी की कविता:
🙏श्रीदेव सुमन जी
टिहरी गढ़वाल की बमुण्ड पट्टी,
जौल ग्राम में जन्म लिया।
25 मई 1916 को जन्म लेकर,
गढ़ भूमि को धन्य किया।।
माँ तारा देवी, पिता हरिराम के घर,
एक अनोखा गुल खिला ।
माता पिता की पावन सोच से,
नाम श्रीदेव सुमन मिला।।
छोटी उम्र 1930 में,
नमक सत्याग्रह में भाग लिया।
दो हफ्ते के कारावास में दरिन्दों ने,
इनको कष्ट बहुत दिया।।
जुल्म किया था जनता पर,
टिहरी सामन्तशाही ने भारी।
नयी फसल हो या दूध दही घी,
या हो पैसा देनी पड़ती थी बेगारी।।
सामन्तशाही के खिलाफ जब,
इन्होंने पहले आवाज उठाई।
डाल के कारागार इनको राजा ने,
हाथ पैरों में भारी बेड़ी पहनाई।।
खाने में रेत और भूसा दिया,
पर सुमन तनिक ना डोला।
मातृभूमि की रक्षा हेतु उन्होंने,
अपने प्राणों को ही तोला।।
84 दिन की भूख हड़ताल से,
निकली उनकी जान।
25 जुलाई 1944 को मातृभूमि की,
रक्षा हेतु हो गया सुमन बलिदान।।
आज उनके पावन जन्म दिवस पर,
उनको शत-शत नमन है।
उन को क्या श्रद्धा सुमन अर्पित करूँ,
जो अपने आप में ही श्री देव सुमन हैं।।
🙏रचना:-
नर्वदा कौशल (स०अ०)
रा० प्रा० वि० नकोट जुवा
ब्लॉक-थौलधार, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड


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