ईश्वर का मानव को सन्देश - श्रीमती लक्ष्मी नवाड़ी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज प्रस्तुत है जनपद नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती लक्ष्मी देवी नवाड़ी जी की कविता:-
ईश्वर का मानव को सन्देश
मैं परम शक्ति, मैं परम ब्रह्म,
हर युग में सृष्टि चला रहा हूँ।
विपदा में फँसे अपने भक्तों को,
समय की ताकत दिखा रहा हूँ।
इन्सान की बेरुखी से शायद,
भगवान रूठता जा रहा है।
तम की काली रात को,
दुनिया में पसारता जा रहा है।।
कलियुग में आई महामारी से,
भगवान मानव को तोल रहा है।
मानव का मानव से रिश्ता,
अद्भुत है ये बोल रहा है।।
कुछ समय धीरज धर ले,
यह मानव को सिखा रहा है।
छँट जायेगा तम का अँधेरा,
ये चन्द समय में बता रहा है।।
हर युग में हूँ मैं और रहूँगा,
यह शक्ति अपनी दिखा रहा है।।
बस याद करो जग रचियता को,
यह कह कर धीरज बँधा रहा है।।
🙏रचना:-
लक्ष्मी देवी नवाड़ी (प्र०अ०)
रा० प्रा० बि० सौंन गाँव
ब्लाॅक-भीमताल, नैनीताल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

🙏बहुत शानदार अभिव्यक्ति 🎉
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर
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