गीत खुशी के गाएँगे-श्री दीवान सिंह कठायत

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  प्रस्तुत है जनपद-पिथौरागढ़ से शिक्षक साथी श्री दीवान सिंह कठायत जी की कविता:


गीत खुशी के गाएँगे 


हम बच्चे, फिर गीत खुशी के गाएँगे,

पहन मास्क दूरी रखकर,महामारी हराएँगे।

अपनी अनमोल जान बचाकर, 

चेतना अपने परिवारों में लाएँगे।।



अब घर पर पढ़ना, हमने लिया है ठान, 

साल भर से, शिक्षण विधियाँ ली हैं जान।

आॅनलाइन हमको, मिलता जो भी काम,

चट पूरा कर लेते, बन सुजान।।


करते प्रातः पहले योग ध्यान, 

मिलकर फिर प्रार्थना गाते राष्ट्र गान।

खाकर कलेवा सब परिवार के बच्चे, 

ढूँढते मोबाइल में आज का काम।।


अब घर भी अपना, स्कूल सा लगता है, 

परेशानी पर सर मैम का सहयोग मिलता है।

बिन शिक्षक श्यामपट्ट के, कैसे पढ़ना है हमको, 

जान गए  टीवी, मोबाइल, टीचिंग ऐप सभी को।।


बन्दी के इन कालों में भी,

जीवन सँवारकर दिखाएँगे।

बनकर देश के अच्छे बच्चे, 

फिर गीत खुशी के गाएँगे।।



        🙏रचना:-

दीवान सिंह कठायत (प्र० अ०)

रा० आ० प्रा० वि० उडियारी 

ब्लॉक - बेरीनाग, पिथौरागढ़




🙏संकलन :- टीम हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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