तम्बाकू जहर है भाई-श्रीमती दीक्षा जोशी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद-नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती दीक्षा जोशी जी की कविता:
🚭तम्बाकू जहर है भाई🚭
ये तम्बाकू जहर है भाई,
ला देता जीवन में तबाही।
इससे कैंसर का है खतरा,
बना देता है बलि का बकरा।।
इसका प्रयोग करो ना भाई,
इसी में है जीवन की भलाई।
ना खुद खाना ना खाने देना।
जन-जन में ये चेतना जगाना।।
बीड़ी, सिगरेट, हुक्का पानी,
ये सब हैं खतरे की निशानी।
मुँह का कैंसर, गले का कैंसर,
जान बचाना कठिन है भाई।।
जन-जन में ये चेतना जगाओ,
तम्बाकू को दूर भगाओ।
इससे होवे केवल जग हँसाई,
ये तम्बाकू जहर है भाई।।
🙏रचना:-
दीक्षा जोशी (प्र०अ०)
रा०प्रा०वि० चोरगलिया
ब्लॉक-हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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