पर्यावरण बचाओ रे-श्रीमती दीक्षा जोशी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद-नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती दीक्षा जोशी जी की कविता:
🌳🌳पर्यावरण बचाओ रे🌳🌳
पेड़ लगाओ, धरा सजाओ,
इस सबसे ही है जीवन।
घर-घर अलख जगाओ रे,
पर्यावरण बचाओ रे।।
प्लास्टिक जमा न होने पाए,
धरती की उपजता ना जाए।
प्लास्टिक जमीन से उठाओ रे,
पर्यावरण बचाओ रे।।
नदियों का पानी साफ रहे,
ऐसा अपना प्रयास रहे।
बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता,
एक-एक बूँद बचाओ रे।।
आस पास सब साफ रहे,
स्वच्छता का आभास रहे।
जल और वायु का ये प्रदूषण,
जड़ से दूर भगाओ रे।।
🙏रचना:-
दीक्षा जोशी (प्र०अ०)
रा०प्रा०वि०चोरगलिया
वि०ख०-हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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