अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-श्रीमती वन्दना जोशी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन पर्व पर प्रस्तुत है जनपद-चम्पावत से शिक्षिका बहिन श्रीमती वन्दना जोशी जी की कविता:
🧎अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस🧎
ये दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता,
विश्व भर में योग की अलख जगाता।
वर्षो से भारतीय ऋषि-मुनियों की जीवन शैली,
लम्बी आयु, तन्दुरूस्ती व स्वस्थता का राज बताता।।
21 जून 2015 को मनाया पहली बार,
जन-जन ने सभी योग क्रियाओं को अपनाया।
रोगों से बचाता, सकारात्मकता बढ़ाता योग,
तन-मन से स्वीकारा, सारे विश्व के मन भाया।।
पाँच हजार वर्ष पुरानी भारतीय विरासत,
आज सम्पूर्ण विश्व में फैली इसकी ज्योत।
योग के प्रणेता पूज्य महर्षि पतंजलि,
योगासन, प्राणायाम, स्वस्थ जीवन के स्रोत।।
इक्कीस जून वर्ष का होता सबसे बड़ा दिन,
योग को दिनचर्या बनाता, पाता दीर्घ जीवन।
बड़े-बड़े रोगों का करता योग समूल नाश,
धेर्य और मनोयोग से योग पर करो विश्वास।।
🙏रचना:-
वन्दना जोशी (स०अ०)
रा०आ० क०उ०प्रा०वि० पऊ
क्षेत्र- लोहाघाट, चम्पावत
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

बहुत खूब
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