तम्बाकू जहर है - श्रीमती हेमलता बहुगुणा


📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज प्रस्तुत है जनपद-टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी की कविता:


*तम्बाकू जहर है*
 मत सेवन करो तम्बाकू का, 
 यह जान लेवा होता है। 
 फेफड़ों को करता है खराब, 
 कैंसर का डर रहता है।। 


मुँह में दाने छाले पड़ जाते, 
मुंँह खराब हो जाता है। 
आँतों में सूजन आ जाती, 
खराबी अनेकों आ जाती है।। 

विश्व में निषेध हो तम्बाकू का
यह सब समझाते हैं।
इसका सेवन तुम मत करना   
 सारे विश्व में बतलाते हैं।। 

31मई को विश्व ने, 
इसका घोर विरोध किया। 
मत करना इसका सेवन, 
इसे जानलेवा बतलाया।। 

आओ, हम सब मिलकर, 
दृढ़संकल्प करते हैं। 
नहीं करेंगे तम्बाकू का सेवन, 
सबको हम बतलाते हैं ।। 

🙏रचना :-
 हेमलता बहुगुणा (सेवानिवृत्त प्र० अ०) 
 चम्बा, टिहरी गढ़वाल


🙏संकलन :-टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड


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