आओ योग करें-श्रीमती ज्योति शाह

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन  में आज प्रस्तुत है जनपद-नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती ज्योति शाह जी की कविता:


🧎‌‌‍आओ योग करें🧎  

 

                      

आओ योग करें,

शरीर को स्वस्थ रखें। 

योगासन में सर्वप्रथम,

आसन लगाना सीखें हम।।



आसन लगाकर ताने मांसपेशियाँ हम,

साथ-साथ करें तनाव दूर हम।

थकान मिटाते, शक्ति लौटाते,

शरीर को करें तरोताजा हम।।


 योग से करें हम भावों को वश में,

 सर्वप्रथम करें सर्वांगासन हम।

 इससे करें मोटापा दूर,

थायराइड सक्रिय करें हम।।


सीधे लेटें, पैर करें ऊपर हम,

धनुरासन है योगासन उत्तम।

वृक्षासन कर लम्बाई बढ़ाएँ,

मत्स्यासन से उदर मजबूत बनाएँ।।


वज्रासन करें, मेरुदण्ड सँवारें,

नित्य करें हम प्राणायाम।            

और करें हम कपालभाति,

जिससे होता श्वास रोगों में लाभ।।


करें भ्रामरी प्राणायाम निरन्तर,

जिससे नाक,गला निरोग होता।

अनुलोम विलोम करके नित्य।

रक्त शुद्ध और रक्तचाप सही रहता।।

  

कर लें जल्दी से सूर्य नमस्कार,

नहीं समय है तो प्यारे।

बारह मुद्राएँ पन्द्रह सेकेण्ड में,

हो जायेगा शरीर निरोग प्यारे।।


🙏रचना'-

ज्योति शाह (प्र०अ०) 

रा० प्रा० वि० गेठिया

वि० ख०- भीमताल, नैनीताल    ‌





🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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