मिल्खा सिंह - श्री मनोज घिल्ड़ियाल

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में  प्रस्तुत है जनपद-पौड़ी गढ़वाल से शिक्षक मनोज घिल्ड़ियाल जी की कविता:


🙏🌹मिल्खा सिंह (उड़न सिक्ख)


20 नवम्बर 1929 को जो थे जन्मे,

अविभाजित भारत के पंजाब में।

खोकर दंगों में माता पिता को,

शरणार्थी बन मिल्खा सिंह आए दिल्ली में।।



1951 में सेना में भर्ती हो गए थे,

खेलकूद में स्पेशल ट्रेनिंग को चुने गए थे।

बालीबाल खिलाड़ी निर्मल कौर जो जँच गई,

1962 को यह जोड़ी विवाह में बँध गई।।


फर्राटा दौड़ में राष्ट्रमण्डल स्वर्णपदक पाया,

चार बार एशियाई स्वर्णपदक कब्जाया।

1960 में पाकिस्तानी धावक को पछाड़ा था जब,

जनरल अय्यूब खाँ ने उड़न सिक्ख कहा था तब।।


तिरंगा फहरा रहे थे जब वे विदेश में,

पद्मश्री से सम्मानित किया गया उन्हें स्वदेश में।

18 जून 2021 को उनका जीवन गतिहीन हुआ,

एक भारतीय खेल युग का जैसे अन्त हुआ।।


🙏रचना:-

मनोज घिल्ड़ियाल

रा० प्रा० वि० कलीगाड़

 वि०ख०- रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल

 उत्तराखण्ड



🙏संकलन:- हिम मन मन्थन उत्तराखण्ड

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