विश्व साइकिल दिवस-श्रीमती देवेश्वरी सेमवाल

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला  हिम मन मन्थन में विश्व साइकिल दिवस पर प्रस्तुत है जनपद रुद्रप्रयाग  से शिक्षिका बहिन श्रीमती देवेश्वरी सेमवाल जी की कविता:


विश्व साइकिल दिवस 


3 जून को विश्व साइकिल दिवस,

बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

वास्तव में साइकिल होती है सबके पास, 

यह प्यारा साधन सबको भाता है।।



भारत में साइकिल का इतिहास, 

माना जाता है बहुत ही खास।

इससे मिलती जीवन की आस, 

हर एक को इस पर है पूरा विश्वास।।


परिवहन का यह महत्वपूर्ण साधन, 

मानते हैं सब इसे उपयोगी जीवन।

हर रोज साइकिल चलाने से, 

शरीर की ताकत बढ़ती इससे।।


प्रदूषण रहित सबसे सस्ता वाहन, 

इसके निर्माता थे जाने माने मैकमिलन।

प्रारम्भिक यातायात के साधनों में, 

 प्रमुख स्थान पर थी साइकिल।। 


🙏रचना:-


    देवेश्वरी सेमवाल (स०अ०) 

   रा० उ० प्रा० वि०- कान्दी

  ब्लॉक- अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग




🙏संकलन :टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

होली - श्रीमती सुशीला थपलियाल

माँ तुम - श्रीमती वन्दना जोशी

गौचर मेला-श्री सरोज डिमरी