गंगा दशहरा-श्रीमती माया गुरुरानी जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में श्री गंगा दशहरा पावन पर्व पर  प्रस्तुत है जनपद-नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती माया गुरुरानी जी की कविता:


श्री गंगा दशहरा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! 💐💐💐💐💐💐

🙏गंगा दशहरा


ज्येष्ठ, शुक्ल, दशमी दिन पावन,

माँ गंगा का पृथ्वी पर अवतरण।

सगर के पुत्रों का उद्धरण,

अत एव गंगा माँ का आवहन।।



भगीरथ कीनी घोर तपस्या,

स्वर्ग से निकली गंगा माता।

वेग रोकने आ गए थे शिवा,

जटा से उलझी, पावन त्रिपथगा।।



विधि-विधान से भागीरथी का पूजन,

गंगा स्नान, दान, ध्यान, तर्पण।

निर्मल जल, यम त्रास मिटावन,

रुद्राभिषेक है मोक्ष प्रदायन।।


द्वारपत्रक से द्वार सजावट,

वज्र निवारक मंत्रों की लिखावट।

प्राकृतिक प्रकोप संरक्षक सूचक,

सांस्कृतिक परम्पराओं के हम वाहक।।


🙏रचना :-

माया गुरुरानी (स०अ०)

रा०आ०प्रा०वि० धौलखेड़ा

हल्द्वानी, नैनीताल



🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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