आओ, शपथ लें - श्रीमती भागीरथी पाण्डे

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की बधाइयाँ एवं मंगलकामनाओंं के साथ में  प्रस्तुत है जनपद नैनीताल  से शिक्षिका बहिन श्रीमती भागीरथी पाण्डे जी की कविता:


🌳🌳आओ, शपथ लें🌳🌳


इतने स्वार्थी मत बनो कि,

काट डालो सारे जंगल।

अपने आने वाले भविष्य का,

खुद ही कर दो अमंगल।।



ऑक्सीजन के बिना साँस न चले,

दम घुट जाए नई पीढ़ी का।

धरती से पानी का इतना मत करो दोहन, 

जल के बिना हलक सूख जाए नई पीढ़ी का।।


पेट की भूख इतनी ना बढ़ाओ,

सारे जीव ही खा जाओ।

कि धरती पर न रहे नामोनिशान,

विविधता भरे जीवन का।।

 

पढ़ा है किताबों में, शेर और मृग,

पीते थे यहाँ एक ही घाट पर पानी,

मनुज-जीव समझते थे अच्छी तरह,

एक दूजे की यहाँ बानी।।


कभी कबूतर की रक्षा हेतु,

एक राजा बैठ गया था तुला पर,

कभी पक्षियों ने किया उपकार,

अपनी ममता लुटा शकुन्तला पर।।


आओ, इस पर्यावरण दिवस एक शपथ लें,

पेड़, पशु-पक्षी, धरती का सौंदर्य बचाएँ।

जल, जंगल, जीवन सँवारे,

मिलकर सब उपाय विचारें।। 


करें प्रयत्न कुछ ऐसा ऋषि मुनियों की,

यह अनमोल विरासत सँजोयें।

अपने हाथों से सहेज कर,

आने वाली पीढ़ी को दे पाएँ।।


🙏रचना:


 भागीरथी पाण्डे (प्र० अ०)

रा० प्रा० वि० परमा

ब्लॉक- हल्द्वानी, नैनीताल



🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

होली - श्रीमती सुशीला थपलियाल

माँ तुम - श्रीमती वन्दना जोशी

गौचर मेला-श्री सरोज डिमरी