ईश्वर का रूप डाॅक्टर-श्रीमती मीना गोस्वामी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के सुअवसर पर प्रस्तुत है जनपद-पिथौरागढ़ से शिक्षिका बहिन श्रीमती मीना गोस्वामी जी की कविता:
ईश्वर का रूप डॉक्टर
डॉक्टर के रूप में,
ईश्वर का रूप हैं आप।
जीवन की डूबती किश्ती को,
बचाने वाले पतवार हैं आप।।
लोगों की आँखों की अनकही,
बातों को समझते हैं आप।
खुद को डुबो कर दूसरों को,
किनारे लगाते हैं आप।।
कुछ नहीं होगा मैं हूँ ना,
प्यार से अगर बोल दो आप।
तो सच कहूंँ, तब यमराज के क्रूर,
हाथों से छुड़ा बचा लेते हैं आप।।
भगवान का दूसरा अवतार हैं आप,
अपनी आँखों में आई बूँदें छिपाते हैं आप।
जिंदगी बच जाएगी, सेहत सुधर जाएगी,
फिर मुस्कराते हुए कहते हैं आप।।
इस बार तो ईश्वर ने भी सोचा,
खूब परेशान किया जाए।
सब को बीमारी ने रुला दिया,
फिर भी आप बिल्कुल ना घबराएँ ।।
निडर होकर मुस्कराते हुए,
सब के लिए खड़े रहे आप।।
दुनिया के ऐसे डाक्टर,
धन्य हैं आप, धन्य हैं आप।।
🙏रचना:-
श्रीमती मीना गोस्वामी (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० भौड़ी
वि०ख०- मूनाकोट
जनपद- पिथौरागढ़
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

बहुत सुन्दर शानदार रचना 👌
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना 👌👌
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