विश्व पर्यावरण दिवस - श्री मनोज घिल्ड़ियाल जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद पौड़ी गढ़वाल से शिक्षक साथी श्री मनोज घिल्ड़ियाल जी की कविता:
🌍🌳 विश्व पर्यावरण दिवस 🌳🌍
आज त खूब जोर-शोर से,
ह्वट्सएप, फेसबुक फरै।
डाळि बोट्यूँ फोटु डाळिक,
भलभला मैसेज सेंड कैरिक,
विश्व पर्यावरण दिवस मनाणा छौं।।
ब्यखुनि दाँ जब, फुल ह्वै जालि मैमोरी,
तब डिलीट करण प्वाड़़ला,
सब्यासब फोटु, अर भलभला मैसेज
हैक सालक पर्यावरण दिवस मनौण तलक।।
त क्यों न इन करे जा,
एक डाळि मि एक तुम लगावा।
द्वी चार हड्यला मि,
द्वी चार तुम खड्यावा।।
द्वी चार सालम जब यूंफरै,
आम, अमरूद अर आरु लागला।
तब कुछ हम खौला, कुछ तुम खैला,
रिश्तादरोंक थैला उन्द बि धरला।।
कुछ गुयेर- बछेरौंक पुटग जाला,
गुणी-बांदर बि अपड़ि लद्वड़ि तिड़ाला।
अर जेटा घामम डाला छैलम,
ठंडि-ठंडि हव्वा खाणा रौला,
आवा यनु पर्यावरण दिवस मनौला।।
🙏रचना:-
मनोज घिल्ड़ियाल (स०अ०)
रा०प्रा०वि० कलीगाड़
प्रखण्ड- रिखणीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल
🙏संकलन :-टीम मिशन शिक्षण संवाद गढ़वाल-कुमाऊँ, उत्तराखण्ड

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