हरियाली फैलाओ - डाॅ० आभा भैंसोड़ा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद- नैनीताल से शिक्षिका बहिन डाॅ० आभा भैंसोड़ा जी की कविता :-
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हरियाली फैलाओ
हरियाली को फैलाना है,
लक्ष्य जीवन का ये बनाना है।
क्षरण हुआ जाता प्रकृति का,
नाश ईश की अनुपम कृति का।।
जन जन को संदेश पहुँचाना,
जल, जमीन, जंगल है बचाना।
रख हरे-भरे आँगन की चाहना,
प्रकृति संदेश जग में फैलाना।।
प्राण शक्ति है प्रकृति, बचाना,
तभी सरल हो जीवन सजाना।
हर हाल पेड़ों को मित्र बनाना,
जीवन का तुम ये उद्देश्य बनाना ।।
एक पेड़ काटोगे अगर तुम,
दस पेड़ों को पहले उगाना।
भरपूर ऑक्सीजन मिले सभी को,
कर्म कुछ ऐसे तुम कर जाना।।
अपनी भावी पीढ़ी को तुम,
धन सम्पदा भले ही ना दे जाना।
उनके स्वस्थ जीवन के हेतु
प्राकृतिक विरासत बचा कर जाना।।
🙏रचना :-
डाॅ० आभा सिंह भैसोड़ा (स०अ०)
रा० प्रा० वि० देवलचौड़
हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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