हरेला त्योहार मनायें - श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रकृति के पूजन, हरियाली और खुशहाली के पावन पर्व पर प्रस्तुत है जनपद- टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी की कविता :-
🌾हरेला त्योहार मनायें🌾
हरेला का त्योहार मनायें,
जन-जीवन सुखमय हो जाये।
धन-धान्य समृद्धि आवे,
नौ बीजों से जौ-जस पावें।।
शिव-शक्ति की पूजा करके,
घर-घर सुख-शान्ति लावें।
हरेला का त्योहार मनायें,
जन-जीवन सुखमय हो जाये।।
हरियाली का यह त्योहार,
चैत्र, अाश्विन, श्रावण के मास।
फसल धरा में खूब उपजेगी,
कृषक की है इसमें आस।।
हरेला का त्योहार मनायें,
जन-जीवन सुखमय हो जाये।
धरती में हरियाली छाये,
पशु-पक्षी इसमें पल जायें।।
खेतों में फसलें लहरायें,
जन-जन प्रभु का आशीष पावें।
हरेला का त्योहार मनायें,
जन-जीवन सुखमय हो जाये।।
🙏 रचना -
हेमलता बहुगुणा (प्र०अ०)
रा० उ० प्रा० सुरसिंहधार
ब्लॉक - चम्बा, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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