राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस - श्रीमती वन्दना जोशी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर प्रस्तुत है जनपद-चम्पावत से शिक्षिका बहिन श्रीमती वन्दना जोशी जी की कविता :-


🇮🇳राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस 


जिन्होंने बाँध दिया देश को,

एकता की आकर्षक ध्वज से।

याद करें उस महापुरुष को,

सम्मान, कृतज्ञता के भाव से।। 



पिंगली वैंकेया ने तैयार किया,

भारत के राष्ट्र ध्वज तिरंगे को।

प्रतिवर्ष 'ध्वज अंगीकरण दिवस,'

मनाया जाता 22 जुलाई को।। 


आन्ध्रप्रदेश के मछली पट्टम में जन्मे,

स्वतन्त्रता सेनानी व कृषि विज्ञानी।

सभी देशों के रंग-बिरंगे झण्डे देख,

अपने राष्ट्र ध्वज को बनाने की ठानी।। 


लाल, हरा और सफेद रंगों को चुनकर,

चौबीस तिल्लियों वाला अशोक चक्र लिया।

अपने निरन्तर प्रयासों से देश को,

मनभावन सुन्दर तिरंगा झण्डा दिया।। 


बहुमुखी प्रतिभा के अथाह सागर,

जापानी भाषा के ज्ञाता जापानी वैंकेया।

सूती कपड़े पर निरन्तर शोध किया,

जाने गए जग में पट्टी या कॉटन वैंकेया।। 


अनुपम राष्ट्र ध्वज की रचना करके,

जग में अमर हो गए झण्डा वैंकेया।। 


🙏 रचना:-


वन्दना जोशी (स०अ०)

रा० क० आ० उ० प्रा० वि० पऊ

ब्लॉक- लोहाघाट, चम्पावत




🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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