चन्द्रशेखर आजाद - श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आजाद जी की जयन्ती पर प्रस्तुत है जनपद-टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी की कविता :-
🙏चन्द्रशेखर आजाद
23 जुलाई 1906 को,
भारत भूमि पर जन्म लिया।
नाम चन्द्र शेखर आजाद,
भारत का वीर सपूत हुआ।।
आजाद हूँ, आजादी की मैं,
देश में अलख लगाता हूँ।
आजादी से रहना चाहता,
आजादी ही देश में चाहता हूँ।।
सुन आजाद की बातों को,
अंग्रेज को गुस्सा आ गया।
सोलह साल के बच्चे को,
उसने डण्डे से पिटवाया।।
डण्डे खाकर बाहर आया,
इन्कलाब का नारा लगाया।
देश को आजाद कराने का,
नया डंका फिर से बजाया।।
अंग्रेजों के छक्के छूट गये,
उसको पकड़ न पाये।
नये-नये रूप में उसको,
अंग्रेज भी पहचान न पाये।।
दुश्मन के पास न ऐसी गोली,
जो आजाद को मार गिराए।
घिर गये जब दुश्मन के चंगुल में,
तब अपनी गोली आजाद कराए।।
ऐसे देश भक्त योद्धा थे वो,
देश के लिए कुर्बान हुए।
29 फरवरी 1931 के दिन,
अमर हुए आजाद हुए।।
🙏 रचना :-
हेमलता बहुगुणा (पूर्व प्र०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० सुरसिंहधार
ब्लॉक-चम्बा, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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