शिक्षक की तो गयी मजा- श्रीमती हेमलता बहुगुणा

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद-टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती हेमलता बहुगुणा जी की कविता :-


📝शिक्षक की तो गयी मजा


जब बच्चे स्कूल में आते,

उनसे पहले शिक्षक आते।

प्रार्थना बच्चों से करवाते,

एक लय में उन्हें बताते।।



पाटी पेन से लेख लिखायें, 

तब आता है मजा ही मजा। 

पत्रकार भैया भी लिख जायें, 

शिक्षक की तो गयी मजा।। 



प्यार प्रेम की थपकी देकर,

शिक्षा की ओर उसे बढ़ाये।

खेल सिखाये, खेल बताये,

सब खेलों के नियम बताये।।


महामारी में ड्यूटी निभाये,

आॅन लाइन बच्चों को पढ़ाये। 

रसोइया, डाक्टर, नर्स बन जा,

पत्रकार भैया बोले शिक्षक की तो गयी मजा।। 


विभागीय कार्य को निभाये, 

एस०एम० सी० की मीटिंग कराये।

ऐसे अनेकों कार्य निभाये,

फिर पत्रकार भैया क्या चाहे?


मिशन शिक्षा में भागीदारी,

शिक्षण को रूचिकर बनाये।

योगा क्राफ्ट कला प्रदर्शनी,

सबमें आगे उन्हें बढ़ाये।।


हर गुणवत्ता से है सजाये,

फिर भी नजर क्यों न आए?  

हर निखार बच्चे में लाये,

पत्रकार भैया अधिकारी बन जाये।।


कलाकार की कलाकृतियाँ,

हास्यकार की हास्य-व्यंग्यता।

सब ये शिक्षक ही सिखलाये,

पत्रकार भैया अब क्या चाहे? 

                

महामारी जब देश में आये,

शिक्षक हर ड्यूटी निभाये।

स्कूल खुला रहे या बन्द रहे,

वो अपनी ड्यूटी खूब निभाये।


पत्रकार भैया की नजरें क्या?

शिक्षक की तो गयी मजा।।


🙏 रचना :-

श्रीमती हेमलता बहुगुणा पूर्व (प्र०अ०)

रा० उ० प्रा० वि० सुरसिंहधार

ब्लॉक- चम्बा, टिहरी गढ़वाल 







🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

होली - श्रीमती सुशीला थपलियाल

माँ तुम - श्रीमती वन्दना जोशी

गौचर मेला-श्री सरोज डिमरी