-श्रीमती माहेश्वरी डांगला

📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन  में  प्रस्तुत है जनपद- चमोली से शिक्षिका बहिन श्रीमती माहेश्वरी डांगला जी की कविता:-

आएगी सुन्दर इक भोर

आओ, बच्चों! तुम्हें सुनाएँ,

बात महामारी काल की।

ऑफलाइन आना नहीं,

ऑनलाइन हाल-चाल की।।



विद्यालय प्रांँगण बच्चों से,

कोसों दूर खड़ा है।

दर्द भरी इस बीमारी ने,

हमको दूर किया है।।


विद्यालय भवन हमें पुकारे,

करुणामयी करुण क्रन्दन से।

हम-तुम सभी मजबूर हुए हैं,

इस महामारी के संक्रमण से।।


जाने कब तक यूँ रहेंगे,

हम सब घर में ही दुबके।

चलो चलेंगे दिल थामे,

हम सब दुनिया के वाशिन्दे।।


इक दिन जीत हमारी होगी,

मस्त रहेंगे गाएँगे हम।

 विपदा के इन क्षणों में,

पढ़ना-लिखना ना छोड़ें हम।।


जी भरकर मेहनत करेंगे,

सब बच्चे अपने घरों में।

आएगी फिर से रौनक,

बन्द पड़े विद्यालय आँगन में।


मिल-जुलकर बढ़ेंगे कदम,

विद्यालय प्राँगण की ओर।

करें प्रार्थना मिल-जुलकर,

आएगी सुन्दर इक भोर।।



माहेश्वरी डांगला (प्र०अ०)

रा० प्रा० वि० सुनील 

 वि०ख०- जोशीमठ

 जिला- चमोली





🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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