15 अगस्त (स्वतन्त्रता दिवस) - श्रीमती पुष्पा बहुगुणा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन* में "स्वतन्त्रता दिवस पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं असीम शुभकामनाओं के साथ प्रस्तुत है, आज जनपद टिहरी गढ़वाल से शिक्षिका बहिन श्रीमती पुष्पा बहुगुणा जी की गढ़वाली कविता :-
15 अगस्त (स्वतन्त्रता दिवस)
पन्द्रह अगस्त का दिन ही,
आजाद ह्वै छ देश हमारु।
तभी त देशवासियों तैं,
च आज कू दिन प्यारु।।
अनेक वीरौंन करी,
आजादी का खातिर बलिदान।
जौन बढ़ाई भारत माँ की,
आन-बान और शान।।
गुलामी की बेड़ियों बिटी,
देश आजाद कराई हमारू।
तभी त देशवासियों तैं,
च आज कू दिन प्यारु।।
यीं धरती माँ जन्मीन इना महापुरुष,
गाँधी, आजाद और सुभाष।
भगत सिंह, बटुकेश्वर, राजगुरु,
टिकी छै जौं पर देश की आस।।
मन की हर बुराई तैं,
अच्छाई मा बदल द्य़ोला।
बलिदानी पुरुषौं कू सम्मान बढ़ौंला,
महापुरुषौं कू बलिदान बेकार जाण नी द्योला।।
नई चेतना का साथ,
जागृति को बिगुल बजौला।।
इना महापुरुषौं पर गर्व करदु देश हमारु।
तभी त आज कु दिन च देशवासियों तैं प्यारु।।
🙏 रचना-
पुष्पा बहुगुणा (स०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० पिपोला
वि०ख० - जाखणीधार, टिहरी गढवाल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

जी....बहुत खूब
जवाब देंहटाएंनिरन्तर बनाये रखें बस्स...!
चरैवेति...चरैवेति.............!
हार्दिक धन्यवाद, उत्साहवर्धन के लिए।
हटाएंबहुत सुन्दर।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद/आभार।
हटाएंआपके प्रस्तुति व उत्साह के लिए हृदय से नमन !
जवाब देंहटाएंसस्नेह धन्यवाद।
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