श्रीकृष्ण - साँवरिया - श्रीमती सन्नू नेगी जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पावन पर्व  की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाओं के साथ प्रस्तुत है, आज जनपद चमोली से शिक्षिका बहिन श्रीमती सन्नू नेगी जी की कविता -

श्रीकृष्ण-साँवरिया


आ जाओ मोरे कृष्ण कन्हैया,

एक बार फिर छवि दिखलाओ।

ग्वाल बालन की टोली बनकर,

फिर गोकुल की गलियाँ सजाओ।।


माखन रोटी हाथ में रख कर,

पुनः काक के भाग जगा दो।

मुरली की मधुर धुन बजाकर,

सब गायों को पास बुला दो।


ढूँढ रहे तुम्हें डाल-पात उस,

निधिवन में उल्लास जगा दो।

प्रेम की गागर लाकर कान्हा,

जग को प्रेम का पाठ सिखा दो।


गली-गली सैरंध्री सहमी,

आकर उनकी लाज बचा दो।

एक बार फिर आकर माधव,

हम सब के तुम भाग जगा दो।।


भूखे-प्यासे कई बैठे सुदामा,

मित्रता का पाठ पढ़ा दो।

क्षण भंगुर वैभव का लालच,

जग को गीता सार बता दो।।


आ जाओ मोरे कृष्ण कन्हैया,

 सब जीवन अनुराग भरो।

 भारत की गली-गली में,

 पुनः गोकुल सा सद्भाव करो।।





रचना :-

सन्नू  नेगी (स०अ०)

रा० क० उ० प्रा ०वि० सिदोली

वि०ख० - कर्णप्रयाग

चमोली, उत्तराखण्ड





🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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