संस्कृति पुरुष - श्री गिरीश बड़ोनी जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में आज उत्तराखण्ड का गांँधी स्व० इन्द्रमणि बड़ोनी जी की पुण्य तिथि पर 

 प्रस्तुत है, जनपद  रुद्रप्रयाग से शिक्षक साथी श्री गिरीश बड़ोनी जी का गढ़वाली आलेख :-

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संस्कृति पुरुष --उत्तराखण्ड का गांँधी  इन्द्रमणि बडोनी///पुण्य तिथि पर हार्दिक श्रद्धाञ्जलि !!!

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संस्कृति पुरुष-स्व० इन्द्रमणि बड़ोनी 

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"हमारी संस्कृति का ध्वजवाहक इन्द्रमणि बडोनी ( 24 दिसम्बर 1925-- 18 अगस्त 1999) पृथक उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन का  सूत्रधार ,देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से तीन बारा विधायक(1967,1969,1977) इन्द्रमणि बडोनी जी तैं ज्यादा लोग एक राजनेता  रूप मा हि पछाण्दन पर बडोनी जी को रंगमंच, साहित्य, संगीत, लोक परम्परा से खास जुड़ाव अर लगाव छौ, न केवल रामलीला मंचन को तौंन कई बार निर्देशन करे बल्कन मा माधो सिंह भण्डारी भाव नाटिका को भी भौत सफलतापूर्वक निर्देशन करे अर यीं नाटिका क माध्यम से हि भौत बड़ा समुदाय से तौंकु जुड़ाव लोखु से ह्वे अर कई सारा समाजोपयोगी कारज कन म सि सफल ह्वेन। बडोनी जी कि रंगमंचीय गतिविधियों कि शुरुआत गौं अखोड़ी अर आस-पास क क्षेत्रों से हि ह्वे अखोड़ी ,ढुङ्ग- बजियालगौं, करखेड़ी, चौंरा, कोट अर हिंदौ क केंद्र गोदाधार मा (जखमा इन्द्रमणि बड़ोनी जी कि मूरत छ लगीं जैंको अनावरण पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी जी न 24 दिसम्बर 2007 का दिन करेै)। इन्द्रमणि बड़ोनी जी कि रंगमंचीय गतिविधियों का प्रशंसक अर तौं दगड़ी रंगमंच से जुड्याँ पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य महावीर प्रसाद बड़ोनी जी बतौन्दन कि सन 50 का दसक मा" तौंन अमर सिंह राठौर" नौं से एक नाटक को मंचन कराये येका अलौ रामलीला का कुछ चुनिंदा दृश्यों को बि मंचन कराये। बड़ोनी जी को सामाजिक दायरा बड़ो छौ त तौंन जखोली रामाश्रम लस्या क कलाकारों से सम्पर्क करे अर रामलीला मंचन के जानकारी लिनि केकि रामाश्रम म भौत पैलि बिटि रामलीला ह्वेन्दि छै। शुरू -शुरू मा डब्बल सिंह मास्टरजी तौंका मंचों म नायक अर रावण क रोल म रैन। 



इन्द्रमणि बडोनी जी कि प्रबन्धन क्षमता भौत हि खास छै, कै आदमि म क्य टैलेंट छ अर तैकि ऊर्जा को इस्तेमाल कन करी कन, यु तौंतें भलि प्रकार से औन्दु छौ। 


रामलीला मंचन बड़ोनी जी कि साहित्यिक, सांस्कृतिक अर सामाजिक कार्यों को मंच बणे अर येका माध्यम से भौत सारा आम अर खास लोग तौंसे जुड़ना शुरू ह्वेन। अखोड़ी क आस -पास क गौं अर दोणि,ज्यूंदाणा (भिलंग) मा बि तौंन तखि कि हि कमेटियों क माध्यम से रामलीला कराये। माधो सिंह भण्डारी नृत्य नाटिका को मंचन बड़ोनी जी को एक यनु काम रै जैका द्वारा सि ब्यापक स्तर पर जन मानस से जुड़िन।

माधो सिंह भण्डारी  नृत्य नाटिका क खातिर तौंन जबरदस्त शोध कार्य करे जैमा सिबजनी जी अर जबर सिंह नेगी जी को बहुत बडो़ योगदान रै।


सिबजनी जी एक लोक कलाकार ढोल, ढोलक वादन कला म निपुण त जबर सिंह नेगी जी शास्त्रीय संगीत क ज्ञाता। यों यना जणगुरों कि मदद से बडो़नी जी न माधो सिंह भण्डारी  का शौर्य, पराक्रम अर बलिदान कि रोमांचकारी अर मार्मिक कथा को मंचन कठूड़, मैगाधार अर घुत्तु मा कराये अर जु पैसा कठू ह्वे तै से तख इस्कूल खुलाइन अर तौंक संसाधन जुटाइन। आज बि  बडो़नी जी का  रोप्याँ इ डाळा खूब फल देणा छन। ये नाटक को मंचन फिर लस्या ,बांगर ,खासपट्टी ,पौड़ीखाल अर अन्य जगों पर बि कराये गै। पैलि बार माधो सिंह भण्डारी का  रोल मा  ग्राम सतकोट पौड़ी का शान्ति प्रसाद रतूड़ी जी छा त उदीना बणिन लैणि हिंदौ का कुंवर सिंह नेगी जी। तै समै पर जब महिलाओं का रंगमंच पर औण का बारा मा ना का  बराबर जागृति छै बड़ोनी जी न अफरा परिवार कि नौनी बसंती जु तब लगभग 10 साल कि छै तैं ये नाटक म गजे सिंह कि भूमिका म रखे अर महिला सशक्तिकरण कि एक बड़े मिसाल प्रस्तुत करे ।( श्रीमती वसंती काले अब सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका छन ) इन्द्रमणि बडोनी जी कु मंच विशेषकर पहाड़ कि स्थितियों क मुताबिक बणायों रन्दु छौ जु कि तीन तरपां बिटि खुला रन्दु छौ ।बडोनी जी कुछ समय का  खातिर मुम्बई रैन अर तौंका टैम का  लोग बतौन्दन कि तख सि कुछ रंगमंच अर फिल्मों से जुड़ी हस्तियों का संपर्क मा  आइन जैका प्रभाव से तौंका रंगमंच निर्देशन कौशल मा  निखार आये। सि मंच पर फूल अर वनस्पतियों को प्रयोग करी सीन तैं सजौणा को काम कर्दा था जु लोखु तैं बड़ो पसन्द औन्दु छौ । हमारी लोक संस्कृति कि अनमोल धरोहर पन्डवार्थ म बजण वाळा बाजा पाण्डव नृत्य /चवर्या/सरौं क परति बड़ोनी जी को विशेष आकर्षण छौ अर पण्डवार्ती मा सि ये बाजा पर खूब नाचदा छा। गढ़वाल मण्डल विकास निगम बिटी सेवनिवृत्त जनरल मैनेजर अर इन्द्रमणि बड़ोनी जी क बारा म गैराई से जाण्न वाळा अखोड़ी गौं का श्री गोविंद सिंह कठैत जी बड़ोनी जी कि रंगमंच कला क बड़ा प्रशंसक छन। सि बतौन्दन कि जखोली ब्लॉक बण्न से पैली विकास कार्यों और अन्य गतिविधियों का खातिर स्थापित "भिलंगना प्रोजेक्ट " मा बड़ोनी जी सदस्य छा। ये प्रोजेक्ट का एक कार्यक्रम मा  जिला सूचना अधिकारी मेहरवान सिंह जी न बडोनी जी कि सांस्कृतिक गतिविधियों म रुचि अर प्रदर्शन का बारा मा जाणिक तैं तौंक बोले कि आप अफरा लोक कि संस्कृति पर आधारित एक प्रस्तुति तैयार करा जैकि लखनौ मा उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय सांस्कृतिक प्रदर्शनों मा आपका निर्देशन म प्रस्तुति द्योला। तब संगीतकार जबर सिंह नेगी जी अर अद्भुत गायक अर वादक सिबजनी जी अर इंद्र सिंह रावत जी जना लोगु कि प्रतिभा से बड़ोनी जी क निर्देशन म पाण्डव नृत्य तैयार ह्वे जैमा लगभग तीस कलाकार (महिला-पुरुष) सामिल छा। तै समै पर अखोड़ी बिटी टीरि तक लोग पैदल हि जांदा छा। घनसाली तक ही रोड लगभग 1959 मा बणे। ठेठ अखोड़ी बिटि टीरि तक लगभग 30 कलाकारों तैं पैदल लिजाणो अपणा आप म बड़ो हिम्मत, जीवट अर जुनून को काम छ। 1955 मा यों कलाकारोंन लखनौ म प्रस्तुति दीक क्षेत्रीय सांस्कृतिक दलों मा पैलु अस्थान प्राप्त करे तब तख बिटे यु दल दिल्ली गणतन्त्र दिवस कार्यक्रमों का खातिर उत्तर प्रदेश क सांस्कृतिक दल क रूप म चयनित ह्वे अर 1956 म गणतन्त्र दिवस क अवसर पर दिल्ली मा इन्द्रमणि बड़ोनी जी का निर्देशन मा पाण्डव नृत्य /केदार नृत्य प्रस्तुत करेै गे जैका स्मृति चिन्ह बड़ोनी जी का  चाण वाळों मा  सुरक्षित छन।अखोड़ी बिटी दिल्ली -लखनौ जाण अर सु बि लगभग तीस लोखु तैं लीक तै जमाना मा भौत कठिन काम छौ। इन्द्रमणि बड़ोनी जी तैं भौत नजीक बिटि जाण्न वाळा अर लोक कला का पारखी श्री गंगा प्रसाद नैथानी जी बतौन्दन कि बड़ोनी जी कखि ब्य -बराति मा बि जांदा था त द्वी पक्षों का बाजगिरियों क बीच कैनकै बाजा (ताल /पैटर्न) कु कम्पटीशन करे देन्दा छा। सि अपणि लोक भाषा, लोक संगीत, लोक वाद्य ढोल का प्रति बड़ो जुनून रखदा छा। 

तै समै आज जना संसाधन अर तकनीक नि छै फेर बि रंगमंच पर, चाहे रामलीला हो, माधो सिंह भण्डारी भाव नाटिका हो, बाल-विवाह का विरुद्ध नाटक हो, दहेज प्रथा का खिलाफ क्वे प्रस्तुति हो, छुआछूत क खिलाफ क्वे प्रदर्शन हो या क्वे हौर रंगमंचीय गतिविधि, बड़ोनी जी कलाकारोंक कास्ट्यूम म क्वे समझौता नि कर्दा छा अर बहुत मौलिक, महीन, प्राणवान बणै देन्दा छा सीन, संवाद अर पात्र तैं। आज हमारा राज्य मा बड़ोनी जी को जन्म दिवस इन्द्रमणि बड़ोनी स्मृति मंच और विशेष करी मंच का संस्थापक श्री रमेश उनियाल जी क भगीरथ प्रयासों से 24 दिसंबर "राज्य लोक संस्कृति दिवस" का रूप मा मनाये जांदु यू बड़ोनी जी क प्रति पूरा उत्तराखण्ड राज्य को बहुत बड़ो सम्मान अर्पित छ। नगर निगम ऋषिकेश कि महापौर श्रीमती अनिता ममगाईं जी का सद्प्रयासों से ऋषिकेश नटराज चौक पर इन्द्रमणि बड़ोनी जी कि एक दिव्य मूर्ति कि स्थापना /अनावरण बड़ोनी जी कि पुण्य तिथि पर एहि साल 18 अगस्त को ह्वे अर नटराज चौक को नौं बि इन्द्रमणि बडोनी चौक धरेै गे।

लोक संस्कृति व रंगमंच का वास्ता बड़ोनी जी कु योगदान कबि नि बिसरै जै सकेंदु। संसाधन न होण का बाबजुद बि बिकट हालातों म तौंकु कलाकारों की बड़ी टीम का दगड़ी ठेठ अखोड़ी बिटिन दिल्ली, लखनौ जैक केदार नृत्य करौंण बतौन्दु कि सिअपणी कला व संस्कृति का खातिर कथगा समर्पित छा। अब हम सभ्यों कु बि फर्ज बणदो कि तौंका योगदानु थैं याद रखिक तौं थैं एक कुशल राजनीतिज्ञ का दगड़ा-दगड़ि एक सच्चा संस्कृति पुरुष का रूप मा बि  याद रखां।  याहि तौंका परति हमारि सच्चि श्रद्धाञ्जलि  होलि !


🙏आलेख :-

गिरीश बड़ोनी (प्र०अ०) 

रा० आ० प्रा० वि० बुढ़ना

ब्लॉक- जखोली 

जनपद- रुद्रप्रयाग 

(यो आलेख चिट्ठी-पत्रिका स्मारिका 2021 मा बि  प्रकाशित होयुं छ)


🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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