प्यारा विद्यालय - श्रीमती सरिता भट्ट

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है जनपद रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती सरिता भट्ट जी की कविता :-


प्यारा विद्यालय   


विद्यालय की बात निराली, 

हंँसते-गाते बच्चे आते।

भैया-दीदी संग-संग आते,

झूम-झूम कर मस्ती से आते।। 



विद्यालय में जाते ही, 

गेट का ताला माॅनीटर ने खोला।       

जैसे ही सब अन्दर आते,

झटपट कार्यालय को खोला।। 


कुछ बच्चे कुर्सी ले आये,

कुछ बच्चों ने मेज उठायी।

 एक साथ गुडमार्निग की, 

सुन्दर-2 आवाजें आयीं।। 


पर अफसोस ये दिन भी देखें,

अध्यापक विद्यालय आते हैं। 

बच्चों की कहीं आवाज नहीं,            

 गेट, कार्यालय, कमरे खोलते हैं।।

 

                                                        

चिड़ियों की चहचहाहट लगे फीकी,

फुलवारी भी फीकी-फीकी। 

कक्षा-कक्ष भी सूने-सूने, 

मैडम, गुरु जी उदास बैठे।। 


आॅनलाइन पाठ पढ़ाते हैं, 

घण्टी की आवाज नहीं। 

बच्चों का कोई शोर नहीं, 

स्कूल आने का कोई जोर नहीं।। 


  कैरम बोर्ड,रस्सीकूद,

बाॅल-बैट और बैट-मिन्टन।

एक कोने में पड़े हुए हैं,

बच्चों की राह देख रहे हैं।। 


जाने कब वो दिन आयेंगे,

सब मिलकर पढ़ेंगे, खेलेंगे, कूदेंगे।।


🙏 रचना :-

      सरिता भट्ट( प्र०अ०) 

              रा ०प्रा० वि० फलई

             क्षेत्र - अगस्त्यमुनि

             जनपद- रुद्रप्रयाग




🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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