बस तुम अच्छे बन जाओ - श्रीमती सुषमा नेगी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज जनपद देहरादून से शिक्षिका बहिन श्रीमती सुषमा नेगी जी की कविता -


बस तुम अच्छे बन जाओ


मुझको उड़ना संग तुम्हारे,

बस तुम अच्छे बन जाओ।

मुझको जुड़ना मन से तुम्हारे,

बस तुम अच्छे बन जाओ।।



जो बाधाओं को पार करे,

ऐसे तुम अपने पग ढूँढो।

उत्साह भरो अपने मन में,

आशाओं का गगन छूलो।।


दूर रहो हर दुर्भाव से,

बस तुम अच्छे बन जाओ। 

मुझको जुड़ना मन से तुम्हारे,

बस तुम अच्छे बन जाओ।।


जीवन में बस आगे बढ़ना,

सबका आशीष पाना तुम।

गलत बात पर कभी कहीं भी,

शीश मत झुकाना तुम।।


खुशियों वाला पाओ हर दिन,

बस तुम अच्छे बन जाओ।

मुझको जुड़ना मन से तुम्हारे,

बस तुम अच्छे बन जाओ।।


 जिस पथ पर भी जाओगे तुम,

उसको आलोकित कर देना।

नन्हें-नन्हें कदमों से तुम,

सुन्दर जीवन रच देना।।


हर मन को तुम भाते जाना,

बस तुम अच्छे बन जाओ।

मुझको जुड़ना मन से तुम्हारे, 

बस तुम अच्छे बन जाओ।।


🙏 रचना-

सुषमा नेगी (स०अ०) 

राo प्राo विo आर्यनगर काठबँगला

 नगर क्षेत्र देहरादून 

जनपद- देहरादून




🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

होली - श्रीमती सुशीला थपलियाल

माँ तुम - श्रीमती वन्दना जोशी

गौचर मेला-श्री सरोज डिमरी