गुरु पर्व - श्रीमती मीना गोस्वामी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज पिथौरागढ़ से शिक्षिका बहिन श्रीमती मीना गोस्वामी जी की कविता -



*गुरु पर्व*

 

याद है गुरु आपकी महिमा, 

आँखों में घूमती आपकी गरिमा।

मीठी यादें, मीठे गीत,

मीठी कविता व मीठा संगीत।।



आपने सिखाया स्वरों का ज्ञान,

जिससे थे हम सभी अंजान।

अनपढ़ से शुरू कर ज्ञानी तक पहुँचाया,

जीवन की कठिन डगर पर चलना सिखाया।।


आपके ज्ञान से दूर हुए अज्ञान के अँधेरे,

छँटे दुःख के बादल आए नये सवेरे।

एक ने दुनिया में पहला कदम रखना सिखाया,

दूसरे ने ज्ञान की रोशनी से जीवन चमकाया।।


फिर हर कदम पर मिले गुरु के कई रूप,

हर उम्र हर मोड़ पर आपके मिले कई स्वरूप।

कितने भी गुण गाऊँ आपका है मुझ पर उपकार,

कुछ भी कर लूँ फिर भी ऋण नहीं सकती उतार।।

        

🙏 रचना -

  मीना गोस्वामी(प्र०अ०)  

 रा० प्रा० वि० भौड़ी

 ब्लाक- मूनाकोट, पिथौरागढ़


🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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