शिक्षक सम्मान - श्रीमती भागीरथी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में शिक्षक दिवस के पावन पर्व पर प्रस्तुत है, आज जनपद नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती भागीरथी पाण्डेय जी की कविता -


🙏🕉️✍️शिक्षक सम्मान


नन्हीं अंगुली पकड़कर के जो,

करा देते हैं अक्षर ज्ञान।

जीवन बंसी के सुरों में,

भर देते विद्या की तान।।



लुटा कर अपना ज्ञान खजाना,

शिष्य को कर देते धनवान।

इसीलिए तो गुरु के आगे,

नतमस्तक होते भगवान।।



सब पद, प्रतिष्ठा से ऊपर,

होता शिक्षक का स्थान।

दुनिया की दौलत से बढ़कर,

गुरुजनों से पाया जो ज्ञान।।


समझे शिक्षक की गरिमा को,

डाॅ० राधाकृष्णन जी महान।

शिक्षाविद, दार्शनिक जगविख्यात,

बढ़ाई भारत रत्न की शान।।


राष्ट्रपति पद सुशोभित किया,

छोड़ी न शिक्षक की पहचान।

अपना जन्मदिन समर्पित करके,

 दिया शिक्षकों को सम्मान।।


🙏 रचना - 


भागीरथी पाण्डे,(प्र० अ०)

रा० प्रा० वि० परमा, 

ब्लॉक हल्द्वानी, नैनीताल






🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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