राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी - कु० आयुषी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर प्रस्तुत है, आज जनपद रुद्रप्रयाग गढ़वाल से  छात्रा कु० आयुषी जी की कविता -


 राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी 


2 अक्टूबर का दिन है खास,

इसमें छिपा है एक इतिहास।

इस दिन बापू ने जन्म लिया,

एक नया इतिहास रचा।।



आँखों पर पहने गोल चश्मा,

हाथ में पकड़ी लाठी,

चेहरे पर मुस्कान,

पहने खादी धोती।।



सत्य अहिंसा का हथियार बनाकर,

तोड़ दी सारी गुलामी की जंजीर।

अंग्रेजों ने इनके आगे,

खींच ना पाई कोई लकीर।।


ना गोले बरसाए ना कोई तोप चलाया,

और ना ही किसी का खून बहाया।

सत्य, अहिंसा और शान्ति से,

अंग्रेजों को धूल चटाया।।


कद के छोटे पर सोच उनकी महान,

बाबू ने बढ़ाई देश की शान।

सबसे था उनका प्यार का नाता,

कहलाते हैं बापू हमारे राष्ट्रपिता।।


कु० आयुषी (छात्रा)

कक्षा - 8

रा० उ० प्रा० वि० सारी

ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग



🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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