महात्मा गाँधी - कु० प्रियांँशी राणा
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर प्रस्तुत है, आज जनपद टिहरी गढ़वाल से रा० प्रा० वि० नकोट जुवा की छात्रा कु० प्रियांँशी राणा जी का लेख -
✍️महात्मा गाँधी
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांँधी था। उनके पिता करमचन्द गाँधी राजकोट राज्य के प्रधानमंत्री थे। गुजरात के पोरबन्दर नगर में उनका परिवार सम्मानित लोगों में गिना जाता था। उनके पिता कठोर स्वभाव के थे। मोहनदास की माँ बहुत ही धर्म परायण महिला थी। उनकी प्रकृति अत्यन्त सहज और सरल थी। नियमित रूप से वे भगवान विष्णु के मन्दिर में पूजा करने जाती, पूजा पाठ के बिना वे भोजन तक नहीं करती थी। दान-पुण्य, व्रत, उपवास, कथा, वार्ता और दीन-दुखियों की सेवा करना उनका नित्य कर्म था। वे वैष्णो शक्ति और अहिंसा की साक्षात मूर्ति थी उनका नाम पुतलीबाई था।
मोहनदास गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई०को गुजरात के पोरबन्दर में हुआ था। प्राचीन काल में इसे सुदामापुरी के नाम से जाना जाता था। मोहन दास गाँधी अपने दो बड़े भाइयों और एक बहन से छोटे थे। गांँधी जी का परिवार अपने स्वामी भक्ति और ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध था।
लेख -
कुमारी प्रियांशी राणा (छात्रा)
कक्षा- 5
रा० प्रा० वि० नकोट जुवा,
ब्लॉक - थौलधार, टिहरी गढ़वाल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें