इगास बग्वाळ - डाॅ० आभा भैंसोड़ा

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला *हिम मन मन्थन* में श्री *हरिबोधनी एकादशी * पावन पर्व प्रस्तुत है, आज जनपद *नैनीताल* से शिक्षिका बहिन श्रीमती आभा भैंसोड़ा * जी की कविता - 


*इगास बग्वाळ*


उत्तराखण्ड का पर्व है खास,

नाम जिसका कहते इगास।

कार्तिक मास की एकादशी,

धूमधाम से मनाई जाती खुशी।।



उत्तराखण्डी दीवाली त्योहार,

अन्य नाम कहा जाता बग्वाळ।

ग्यारह दिन बाद दीपावली के,

दीप अवलि से सजता त्योहार।।


ग्यारह दिन बग्वाळ बाद इगास,

धूमधाम से मनाते पर्व यह खास।

इगास को कहते बूढ़ी दीवाली भी,

नई पीढ़ी तक पहुँचे संदेश यह भी।।


भैलो एक आग का है खेल,

रस्सी में बाँध आग घुमाना विशेष।

भैलो खेलने का रिवाज है इगास  

 रोशनी खास आनन्द, हास, परिहास।।


🙏 रचना :-

डॉ० आभा सिंह भैसोड़ा (स०अ०)

रा० प्रा० वि०- देवलचौड़

ब्लाॅक- हल्द्वानी, नैनीताल



🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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