दीवाली मंगलमय हो - श्रीमती सन्नू नेगी जी

 📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में श्री दीपावली  पावन पर्व पर प्रस्तुत है, आज जनपद चमोली से शिक्षिका बहिन श्रीमती सन्नू नेगी जी की कविता- 


दीवाली मंगलमय हो 


घर-घर में दीवाली हो,

हर आंँगन हरियाली।

खुशियों के नव दीप जलें,

दुःखी न हो कोई आली।। 



सुख-समृद्धि धन धान्य रहे,

स्नेह निमन्त्रण रचते रहें।

नहीं किसी पर विपदा आये,

सब स्वस्थ्य, मस्त, आरोग्य रहें।।


लक्ष्मी जी की कृपा रहे,

दरिद्रता से दूरी बनी रहे।

मांँ सरस्वती का आशीर्वाद,

बच्चे-बच्चे पर सदा रहे।। 


विचारों में शुद्धता रहे,

भेद भाव नित मिटता रहे।

सफलता की ऊंँचाइयों को,

हर कोई धीरे-धीरे छूता रहे।। 


दीवाली के दीपों से नित,

जगमग मन चमकते रहें।

राग-द्वेष का भाव मिटा,

प्रेम भाव नित्य बढ़ते रहें।। 


घर का मैल मिटाने के संग,

मन का मैल मिटाते रहें।

पुत्रों के संग पुत्रियों का भी,

सदा मान सम्मान करते रहें।।


जीवन है अनमोल सभी का,

प्रभु की दयादृष्टि बनी रहे।

रामचन्द्र का पावन जीवन,

सबका आदर्श बनता रहे।। 


🙏 रचना-

सन्नू नेगी(स०अ०)

रा० उ० प्रा० वि० सिदोली

ब्लाॅक- कर्णप्रयाग, चमोली, 

उत्तराखण्ड



🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड

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