चाचा नेहरू - श्रीमती ज्योति साह
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में बाल दिवस पावन पर्व प्रस्तुत है, आज जनपद नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती ज्योति साह की कविता -
🙏✍️ चाचा नेहरु
भारत का एक लाल,
नाम उनका जवाहर लाल।
पण्डित मोती के घर में,
जन्मे 14 नवम्बर 1889 में।।
इलाहाबाद में हुई पढ़ाई,
पन्द्रह वर्ष में गये इंग्लैण्ड।
हैलो पब्लिक स्कूल में शिक्षा पाई,
कैम्ब्रिज के बने स्टूडेंट।।
लन्दन विश्वविद्यालय से बैरिस्टरी,
स्वदेश आकर वकालत शुरू की।
अंग्रेजों के अत्याचार से द्रवित हुए,
वकालत छोड़ आन्दोलन में कूदे।।
गाँधी जी राजनीतिक गुरु बने,
छोड़े पेरिस के कपड़े पहनने।
स्वदेशी खादी करी स्वीकार,
आन्दोलनों में गये कारागार।।
15 अगस्त 1947 को मिली आजादी,
प्रथम प्रधानमंत्री बने जवाहरलाल।
किया भारत का चतुर्दिक विकास,
जवाहर हृदय सौंदर्य के पुष्पित गुलाब।।
बच्चों से बेहद प्यार करते,
बच्चों से वे मिलते, खेलते।
इसीलिए चाचा कहलाते,
14 नवम्बर बाल दिवस मनाते।।
🙏 रचना-
ज्योति साह (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० गेठिया
वि०ख०- भीमताल, नैनीताल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
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