शहीद जनरल बिपिन रावत-श्रीमती भागीरथी पाण्डेय
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज जनपद नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती भागीरथी पाण्डेय जी द्वारा रचित कविता-
🙏🇮🇳शहीद जनरल बिपिन रावत
धरती में सूरज सा चमक कर,
बन आसमान का सितारा चला गया।
सब के दिलों में बस कर,
हिन्दुस्तान का दुलारा चला गया।।
16 मार्च 1858 को,
पौड़ी गढ़वाल में जन्म लिया।
भारत का पहला रक्षा प्रमुख बन,
उत्तराखण्ड की धरती को धन्य किया।।
अपने बल, शौर्य, पराक्रम से,
दुश्मन के दिल दहला दिए।
वीरता का नया इतिहास रच कर,
सी०डी०एस० रावत चले गए।।
खड़गवासला में प्रशिक्षण लिया,
गोरखा राइफल की शान बने।
बुद्धि, विवेक और साहस से,
जनरल, थल सेना अध्यक्ष बने।।
परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक,
अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक से सजे।
युद्ध सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक,
वीर सपूत की शहादत से पदक सब फीके पड़े।।
अपनी शहादत से वीर सैनिक,
धरती पर अमर हो जाते हैं।
देश पर जीवन न्योछावर कर,
देशभक्ति का बीज बो जाते हैं।।
🙏 रचना-:
भागीरथी पाण्डे (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० परमा
वि०ख० - हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
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