शहीद CDS बिपिन रावत-श्रीमती बसन्ती शाह
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज जनपद- रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती बसन्ती शाह जी द्वारा रचित कविता-
🙏🇮🇳शहीद CDS बिपिन रावत अमर रहें
तीनों सेनाओं की कमान थामने वाले,
उत्तराखण्ड की गोद में जन्में थे।
देश की रक्षा करने को,
पौडी़ गढ़वाल से निकले थे।।
साहस वीरता दिखाती थी,
जब सीमा पर लड़ते थे।
दुश्मन भी भाग जाते थे,
जब इनके विमान उडा़न भरते थे।।
पत्नी और अधिकारियों के संग,
खुशी-खुशी विमान निकल गया।
न जाने किस दुश्मन की,
नजर ने इनको घेर लिया।।
आठ दिसम्बर का वह काला दिन,
घनघोर रात में बदल गया।
पत्नी संग ओझल हुए,
सबका दिल दहल गया।।
आपकी कुर्बानी, आपकी वाणी,
इतिहास में याद रहेगी, इतिहास दोहरायेगा ।
भारत माता के नारों के संग,
बिपिन रावत का नाम गूँजेगा।
🙏 रचना-:
बसन्ती शाह (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० कुमड़ी
ब्लॉक- जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन:- टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
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