राष्ट्रीय युवा दिवस - श्रीमती भागीरथी पाण्डेय
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में राष्ट्रीय युवा दिवस के सुअवसर पर प्रस्तुत है, आज जनपद- नैनीताल से शिक्षिका बहिन श्रीमती भागीरथी पाण्डेय जी द्वारा रचित कविता-
राष्ट्रीय युवा दिवस
12 जनवरी 1863 को,
विवेकानन्द का जन्म हुआ।
पाकर महान देशभक्त,
भारत देश धन्य हुआ।।
पिता श्री विश्वनाथ दत्त,
माता भुनेश्वरी देवी थी।
प्रतिभाओं के धनी थे,
कृपा थी माँ सरस्वती की।।
बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त,
गुरु थे रामकृष्ण परमहंस।
जिनकी प्रेरणा पाकर बने,
भारत के महान युवा सन्त।।
थे महान दार्शनिक, आध्यात्मिक,
सच्चे जन सेवक और सामाजिक।
धर्म सम्मेलन में किया प्रतिनिधित्व,
जो शिकागो में था आयोजित।।
अपने ओजस्वी विचारों से,
भारत को नई पहचान दिलाई।
स्वामी जी के इस भाषण की,
प्रशंसा सारी दुनिया में छाई।।
भारतीय अध्यात्म और संस्कृति का,
पूरे विश्व में प्रचार हुआ।
स्वामी जी और भारतीय दर्शन का,
स्वागत और सत्कार हुआ।।
लोगों की सेवा को पूजा मानते,
सेवा से कभी न पीछे हटते।
उनके प्रेरणादायक विचार,
युवाओं में नव ऊर्जा भरते।।
उनके अनमोल विचारों से,
आज भी युवा प्रेरणा पाता।
तभी प्रति वर्ष उनके जन्म दिवस को,
राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता।।
🙏 रचना- :
भागीरथी पाण्डे (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० परमा
वि०ख०- हल्द्वानी, नैनीताल
🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
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