प्रथम महिला शिक्षिका-श्रीमती बसन्ती शाह
📝प्राथमिक शिक्षकों की अपनी साहित्यशाला हिम मन मन्थन में प्रस्तुत है, आज जनपद-रुद्रप्रयाग से शिक्षिका बहिन श्रीमती बसन्ती शाह जी द्वारा रचित कविता-
*🙏✍️प्रथम महिला शिक्षिका*
3 जनवरी सन् 1831को,
इस धरा धाम पर जन्म लिया।
महाराष्ट्र में सतारा जिले के,
नया गाँव को धन्य किया।।
पिता खण्डोजी नेवसे पाटिल,
माता लक्ष्मी बाई थी।
तीन भाइयों के संग में,
यह प्रथम महिला शिक्षिका थी।।
सती प्रथा,बाल विवाह जैसी,
समाज में जब अनेक कुरीतियाँ थीं,
9 वर्ष की उम्र में तब इनकी,
शादी ज्योति राव फुले से हुई थी।
समाज सुधार की भावना से 1848 में,
जब पहली पाठशाला खोली थी।
यह समाज में महिलाओं पर,
हो रहे अत्याचार की पीडा़ थी।।
महिलाओं के अधिकार एवं शिक्षा के लिए,
काम करने वाली प्रथम महिला थी।
शिक्षिका सावित्री बाई फुले,
नारी मुक्ति की प्रेरणा, राष्ट्र माता थी।।
बसन्ती शाह (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० कुमडी़
वि०ख० - जखोली, रुद्रप्रयाग
🙏संकलन-: टीम हिम मन मन्थन, उत्तराखण्ड
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